अयोध्या। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान (चढ़ावे) में हुई हेराफेरी और चोरी के मामले में पुलिस और प्रशासन ने अपनी कार्रवाई बेहद तेज कर दी है। रविवार (28 जून, 2026) को अयोध्या पुलिस की टीमों ने स्थानीय मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में इस घोटाले के सभी 8 गिरफ्तार आरोपियों के घरों और ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस छापेमारी का मुख्य उद्देश्य घोटाले से जुड़े और सबूत जुटाने, पैसों के लेन-देन के दस्तावेज खंगालने और छिपाई गई रकम का पता लगाना था। रविवार को हुई बड़ी कार्रवाई की मुख्य बातें – घरों की तलाशी और पूछताछ: सर्कल ऑफिसर (CO) आशुतोष कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने आरोपियों के घरों को खंगाला। अयोध्या के कौशलपुरी और दुर्गापुरी कॉलोनी सहित कई इलाकों में स्थित आरोपियों के मकानों पर जाकर उनके परिवार वालों से गहन पूछताछ की गई। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी: पूरी कार्रवाई को पारदर्शी रखने के लिए छापेमारी के दौरान स्थानीय मजिस्ट्रेट भी पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे। अब तक 79.85 लाख रुपये बरामद: जांच एजेंसी (SIT) और पुलिस अब तक आरोपियों के पास से 79.85 लाख रुपये कैश बरामद कर चुकी है। शनिवार को भी आरोपी टिन्नू यादव के हॉस्टल के कमरे से 20 लाख रुपये बरामद किए गए थे। संपत्तियों का खुलासा: जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कैश काउंटिंग विभाग में काम करने वाले एक आरोपी अनुकल्प मिश्रा ने करीब 2 साल पहले अयोध्या में 40 लाख रुपये का एक आलीशान मकान खरीदा था, जिसकी भी जांच की जा रही है। परिवारों ने मोड़ा मुंह: “अपराधी का साथ नहीं देंगे” इस कार्रवाई के बीच आरोपियों के परिवारों ने उनका साथ देने से साफ इनकार कर दिया है। आरोपी अविनाश शुक्ला के भाई अभिषेक शुक्ला ने मीडिया से बात करते हुए कहा: “जांच चल रही है। अगर उसने अपराध किया है, तो वह जेल जाएगा। जिसने भी यह गलत काम किया है, उसे सजा मिलनी चाहिए। हम ऐसे किसी भी व्यक्ति के साथ खड़े नहीं हो सकते जो भगवान के घर में चोरी में शामिल हो।” कैश काउंटिंग टीम के सदस्य ही निकले चोर SIT की शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए सभी 8 आरोपी राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे और कीमती सामान की गिनती (Cash Counting) करने वाली टीम से जुड़े हुए थे। ये लोग बड़ी ही चालाकी से दानपात्र के पैसों को गायब कर देते थे। सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और हिडन कैमरों की मदद से इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों के नाम: 1 रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव 2 अनुकल्प मिश्रा 3 लवकुश मिश्रा 4 अविनाश शुक्ला 5 मनीष कुमार यादव 6 करुणेश पांडेय 7 रमाशंकर मिश्रा 8 सुभाष चंद्र श्रीवास्तव इस बड़े घोटाले के सामने आने के बाद यूपी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इससे पहले, इस मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं। सभी 8 आरोपियों को कोर्ट ने 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा था। पुलिस अब कोर्ट से इन आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) मांगेगी, ताकि इनसे आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की जा सके और बाकी के पैसों व इसमें शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation संजय सिंह के साथ अयोध्या पहुंचे अरविंद केजरीवाल, बीजेपी पर साधा तीखा निशाना अगर कोई मुस्लिम होता तो अब तक बुल्डोजर चल गया होता’ — राम मंदिर से जुड़े मामले पर असदुद्दीन ओवैसी का बड़ा बयान