हमीरपुर (उत्तर प्रदेश): एक तरफ देश में अमृतकाल के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं और गोवंश के संरक्षण के लिए सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये जारी होने की बात कही जाती है, वहीं दूसरी ओर धरातल पर गौमाता की हालत बेहद दयनीय बनी हुई है। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से सामने आई एक तस्वीर ने सरकारी दावों और गौशालाओं की जमीनी हकीकत की पोल खोलकर रख दी है। कीचड़ में खड़े रहने को मजबूर बेजुबान मामला हमीरपुर जिले के मुस्कुरा ब्लॉक अंतर्गत आने वाले गहरौली गांव की गौशाला का है। हाल ही में सामने आई तस्वीरों और स्थानीय लोगों के अनुसार, गौशाला परिसर में चारों तरफ भारी गंदगी और घुटनों तक दलदल जैसी कीचड़ फैली हुई है। इस अमानवीय माहौल में बेजुबान गोवंश खड़े रहने और बीमारियों से जूझने को मजबूर हैं। भूख-प्यास से तड़प रहे गोवंश, इलाज का भी अभाव गौशाला में सिर्फ गंदगी ही नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं का भी भारी अभाव देखा जा रहा है: चारा-पानी नहीं: गोवंश के लिए पर्याप्त हरे चारे और साफ पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है। इलाज की कमी: कीचड़ और गंदगी की वजह से बीमार पड़ रहे पशुओं के लिए कोई प्राथमिक उपचार या डॉक्टर की सुविधा मौजूद नहीं है। भ्रष्टाचार के आरोप: ग्रामीणों और सोशल मीडिया पर स्थानीय लोगों का आरोप है कि गोवंश के नाम पर आने वाले बजट में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार हो रहा है, जिसका खामियाजा इन मूक पशुओं को भुगतना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री और डीएम से कार्रवाई की मांग गौशाला की इस दुर्दशा को लेकर स्थानीय स्तर पर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों ने जिलाधिकारी (DM हमीरपुर) और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। मांग की गई है कि गौशाला के बजट और व्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए, लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो और बेजुबानों के लिए तत्काल सूखे स्थान, पौष्टिक चारे, साफ पानी और दवाइयों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation भारी बारिश के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में जलभराव, प्रशासन ने कहा – ’30 मिनट में साफ किया गया पानी’