• 1.22 लाख मेधावी विद्यार्थियों के खातों में लैपटॉप के लिए 304.98 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित
  • प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को मिले 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि
  • वर्ष 2028 तक प्रदेश में 55 मेडिकल कॉलेज और 10,000 एमबीबीएस सीटों का लक्ष्य

भोपाल:

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय ‘प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’ कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के जरिए प्रदेश के लगभग 1.22 लाख मेधावी छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में 304 करोड़ 98 लाख 50 हजार रुपये की राशि अंतरित की। इस योजना के अंतर्गत 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 75% या उससे अधिक अंक लाने वाले प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को लैपटॉप क्रय हेतु 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वास्तविक सफलता केवल अच्छे अंकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थी के संस्कार, विनम्रता और अनुशासन में दिखाई देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता मिलने पर अहंकार से बचें और असफलता मिलने पर निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ें।

​तकनीक और शिक्षा को नई दिशा

​मुख्यमंत्री ने लैपटॉप को केवल एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण न मानकर ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार का प्रवेश-द्वार बताया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में यह डिजिटल पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और शोध के लिए बेहद जरूरी साधन है।

​मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, जो शिक्षा व्यवस्था में आ रहे सकारात्मक सुधारों को दर्शाता है। सरकार विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, गणवेश, साइकिल, स्कूटी और लैपटॉप जैसी सुविधाएं देकर यह सुनिश्चित कर रही है कि आर्थिक तंगी किसी भी प्रतिभा की राह में बाधा न बने।

​बजट और शिक्षा अधोसंरचना का विस्तार

​प्रदेश के विकास रोडमैप पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया:

  • शिक्षा बजट: वर्ष 2026-27 के बजट में स्कूल शिक्षा के लिए 36,730 करोड़ रुपये, उच्च शिक्षा के लिए 4,247 करोड़ रुपये तथा तकनीकी शिक्षा व कौशल विकास के लिए 2,932 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
  • चिकित्सा शिक्षा का विस्तार: प्रदेश में वर्तमान में 33 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जिनमें 6,500 से अधिक एमबीबीएस सीटें हैं। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2028 तक कुल 55 मेडिकल कॉलेज और 10,000 यूजी सीटें स्थापित करने का है।
  • सुधार का अवसर: 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए द्वितीय मुख्य परीक्षा की सुविधा शुरू की गई है, जिससे वे बिना साल गंवाए अपने अंकों में सुधार कर सकें।

​विद्यार्थियों से सीधा संवाद

​समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया और उनके करियर के लक्ष्यों के बारे में जाना। विद्यार्थियों ने राजनीति, चिकित्सा, और लेखांकन (अकाउंटेंसी) जैसे विभिन्न क्षेत्रों में जाकर समाज सेवा और आत्मनिर्भर बनने के अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का परिश्रम ही भविष्य की सफलता का आधार है।

​ड्रॉप-आउट दर में आई कमी: स्कूल शिक्षा मंत्री

​स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों की ड्रॉप-आउट दर शून्य के करीब पहुंच चुकी है और प्रवेश दर में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अब तक कुल 6.5 लाख विद्यार्थियों को 1,620 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। इसके साथ ही राज्य में लगभग 18,000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है।

​कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, विधायकगण, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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