नई दिल्ली: केंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक में रबी विपणन सत्र (RMS) के लिए 6 प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई है। सरकार के इस फैसले में तिलहन और दलहन उत्पादक किसानों को बड़ा लाभ दिया गया है, जबकि मुख्य खाद्यान्न फसल गेहूं के दाम में बेहद सीमित इजाफा देखने को मिला है। सरसों उत्पादकों को बड़ा फायदा, ₹413 प्रति क्विंटल बढ़ा भाव सरसों की खेती करने वाले किसानों के लिए कैबिनेट का यह फैसला राहत लेकर आया है। सरकार ने सरसों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में ₹413 प्रति क्विंटल की सीधी बढ़ोतरी की है। इसके बाद सरसों का सरकारी खरीद भाव ₹6,200 से बढ़कर अब ₹6,613 प्रति क्विंटल हो गया है। सरकार का उद्देश्य खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता घटाना और किसानों को तिलहन की बुआई के लिए प्रेरित करना है। गेहूं के भाव में 15 साल बाद सबसे कम वार्षिक बढ़ोतरी गेहूं के MSP में इस बार सिर्फ ₹25 प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है। इसके साथ ही गेहूं का समर्थन मूल्य ₹2,585 से बढ़कर ₹2,610 प्रति क्विंटल पहुंच गया है। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2010-11 के बाद यह गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में पिछले 15 वर्षों की सबसे छोटी वार्षिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रबी फसलों की नई MSP दरें (प्रति क्विंटल): कुसुम (Safflower): नया भाव ₹7,215 (पुराना भाव ₹6,540, बढ़ोतरी ₹675 – सर्वाधिक) सरसों (Mustard): नया भाव ₹6,613 (पुराना भाव ₹6,200, बढ़ोतरी ₹413) मसूर (Lentil): नया भाव ₹7,390 (पुराना भाव ₹7,000, बढ़ोतरी ₹390) जौ (Barley): नया भाव ₹2,286 (पुराना भाव ₹2,150, बढ़ोतरी ₹136) चना (Gram): नया भाव ₹5,958 (पुराना भाव ₹5,875, बढ़ोतरी ₹83) गेहूं (Wheat): नया भाव ₹2,610 (पुराना भाव ₹2,585, बढ़ोतरी ₹25) तिलहन और दलहन पर विशेष फोकस घोषित दरों से साफ है कि केंद्र सरकार का मुख्य ध्यान कुसुम, सरसों और मसूर जैसी फसलों पर केंद्रित है। कुसुम में सबसे अधिक ₹675 प्रति क्विंटल और सरसों में ₹413 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर किसानों को परंपरागत फसलों के बजाय नकदी एवं तिलहनी खेती की ओर मोड़ने की रूपरेखा तैयार की गई है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation इंटरनेट पर वायरल ‘अमेरिकी नागरिक’ की गिरफ्तारी और रिहाई की पूरी इनसाइड स्टोरी: क्या वाकई सरकार पर था कोई दबाव?