चोको/कोलंबिया:

10 अगस्त की वो खौफनाक दोपहर… और अब 48 घंटे बाद का सच!

दो दिन पहले, 10 अगस्त को जब कोलंबिया का ‘चोको’ (Chocó) प्रांत अचानक कांप उठा, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि तबाही इतनी बड़ी होगी। 7.4 रिक्टर स्केल के इस भयानक भूकंप ने चंद सेकेंडों में हंसते-खेलते शहरों को मलबे के ढेर में बदल दिया।

आज 12 अगस्त है—हादसे को 48 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन तबाही का मंजर आज भी दिल दहला देने वाला है।

अब तक क्या हुआ?

 130 से ज्यादा मौतें: आधिकारिक रिपोर्टों के मुताबिक अब तक 130 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 500 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

 ताश के पत्तों की तरह ढही इमारतें: परेरा और कैली जैसे बड़े शहरों में मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग्स मिनटों में जमीन पर आ गिरीं। 1500 से ज्यादा घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं।

 मलबे से उम्मीद की जंग: हादसे के 48 घंटे बाद भी राहत और बचाव टीमें (Rescue Teams) दिन-रात मलबे को हटा रही हैं। हर बीतते मिनट के साथ दबे हुए लोगों को सही-सलामत निकालने की जंग जारी है।

 इमरजेंसी का ऐलान: कोलंबिया सरकार ने देश में National Emergency लागू कर दी है। सेना और राहत एजेंसियां हर मुमकिन मदद पहुंचाने में जुटी हैं।

 पड़ोसी देशों तक कांपी धरती: इस विनाशकारी भूकंप के झटके वेनेजुएला, इक्वाडोर और पनामा तक महसूस किए गए थे।

मौसम विभाग और वैज्ञानिकों ने लगातार Aftershocks (भूकंप के बाद के झटके) की चेतावनी दी है। कई इलाकों में बिजली और पानी की सप्लाई ठप्प है, जिससे राहत कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। बेघर हुए हजारों लोग खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं।

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