भोपाल:

मध्य प्रदेश की राजधानी स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS Bhopal) आने वाले दिनों में अपनी चिकित्सा सेवाओं को और अधिक उन्नत बनाने जा रहा है। अस्पताल में लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक जांच, उपचार और डिजिटल सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। इस संबंध में एम्स के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ) नरेन्द्र कोतवाल (रि) ने मीडिया को संस्थान की आगामी योजनाओं की जानकारी दी।

​संस्थान के अनुसार, वर्तमान में प्रतिदिन ओपीडी (OPD) में 6,000 से 7,000 मरीज परामर्श के लिए आ रहे हैं, जबकि लगभग 1,000 मरीज प्रतिदिन विभिन्न वार्डों में भर्ती हो रहे हैं। इस भारी दबाव के बीच संस्थान का फोकस मरीजों को उच्च स्तरीय और किफायती इलाज उपलब्ध कराने पर है।

अत्याधुनिक तकनीक और नई चिकित्सा सुविधाएं

  • रोबोटिक सर्जरी और गामा नाइफ: एम्स में जल्द ही रोबोटिक सर्जरी, गामा नाइफ, पीईटी-सीटी स्कैन, दूसरी कैथ लैब और दूसरी एमआरआई मशीन शुरू की जाएगी।
  • ट्रांसप्लांट सेवाओं का दायरा: अस्पताल में अब तक 3 हार्ट और 26 किडनी ट्रांसप्लांट पूरे किए जा चुके हैं। फेफड़ा (लंग) ट्रांसप्लांट की मंजूरी मिल चुकी है और यह जल्द शुरू होगा, वहीं लिवर ट्रांसप्लांट पर भी तैयारी चल रही है।
  • 200 बेड का समर्पित कैंसर केंद्र: कैंसर मरीजों के बेहतर इलाज के लिए 200 बिस्तरों वाले नए कैंसर सेंटर का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। साथ ही दूसरा लिनैक (LINAC) उपकरण भी लगाया जा रहा है।
  • 24 घंटे व्हाट्सएप सेवा और आईवीएफ: मरीजों की मदद के लिए 24 घंटे काम करने वाली व्हाट्सएप सेवा शुरू की जा रही है, जबकि आईवीएफ (IVF) सेंटर पहले ही शुरू हो चुका है।

परिजनों के लिए सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर

मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के ठहरने के लिए 700 बिस्तरों वाला विश्राम गृह, नया पार्किंग कॉम्प्लेक्स और मरीज मार्गदर्शन केंद्र बनाया जा रहा है। पार्किंग परिसर के ऊपर एक मल्टी-स्पेशियलिटी सेंटर भी तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही डॉक्टरों व स्टाफ के लिए आवास और मेडिकल छात्रों के लिए नया स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना है।

राष्ट्रीय रैंकिंग में लगातार सुधार

एनआईआरएफ (NIRF) मेडिकल रैंकिंग 2025 में एम्स भोपाल ने 25वां स्थान हासिल किया है। इससे पहले संस्थान 2024 में 31वें और 2023 में 38वें स्थान पर था, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर अस्पताल की साख और गुणवत्ता में लगातार सुधार दर्ज किया गया है।

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