भोपाल:

मध्य प्रदेश को रिन्यूएबल एनर्जी (अक्षय ऊर्जा) का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति में राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास के ‘समत्व भवन’ में रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (RUMSL) और एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के मध्य Transaction Advisory Services Agreement (TASA) पर हस्ताक्षर किए गए।

​इस महत्वपूर्ण समझौते के तहत अंतरराष्ट्रीय विकास बैंक (ADB), मध्य प्रदेश के आगामी बड़े सौर एवं ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए तकनीकी, कानूनी और वित्तीय सलाहकार के रूप में कार्य करेगा।

​वैश्विक निवेश को आकर्षित करेगा मध्य प्रदेश

​इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य राज्य में बड़े सोलर पार्कों, फ्लोटिंग सोलर प्लांट्स (जैसे ओंकारेश्वर प्रोजेक्ट) और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के विकास में अंतरराष्ट्रीय मानकों को लागू करना है। ADB की विशेषज्ञता से मध्य प्रदेश सरकार को दुनिया भर के बड़े और प्रतिष्ठित निवेशकों को राज्य में लाने में मदद मिलेगी।

​पारदर्शी बिडिंग और सस्ती बिजली

​समझौते के तहत ADB प्रोजेक्ट्स की रूपरेखा तैयार करने और प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय टेंडर प्रक्रिया को संचालित करने में RUMSL का मार्गदर्शन करेगा। इससे निवेशकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होगी, जिससे राज्य को न्यूनतम दरों पर स्वच्छ बिजली उपलब्ध हो सकेगी।

​ग्रीन हब बनने की ओर प्रदेश

​मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार 24×7 ग्रीन बिजली उपलब्ध कराने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। रीवा सोलर प्रोजेक्ट की वैश्विक सफलता के बाद, अब राज्य के अन्य हिस्सों में भी इस मॉडल को तेजी से लागू किया जा रहा है। इस नई पहल से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए ग्रीन एनर्जी सेक्टर में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

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