कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल 2026 को होनी है। चुनाव में अब मात्र 4 दिन का समय बचा है, लेकिन इससे ठीक पहले राज्य का सियासी पारा बहुत ज्यादा गर्म हो गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और इनकम टैक्स (IT) विभाग ने राज्य में अपनी कार्रवाई अचानक तेज कर दी है। ममता बनर्जी की पार्टी (TMC) के नेताओं, पुलिस अधिकारियों और उनके करीबियों पर लगातार छापे पड़ रहे हैं। 1. कोलकाता पुलिस के DCP पर छापा 19 अप्रैल 2026 को ED की टीम ने कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (DCP) शांतनु सिन्हा बिस्वास के घर पर दस्तक दी। यह कार्रवाई ‘सोना पप्पू’ नाम के एक कुख्यात अपराधी से जुड़े जमीन पर अवैध कब्ज़ा करने और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की गई है। 2. 1.2 करोड़ कैश और गिरफ्तारी 19 अप्रैल को ही ED ने ‘सन एंटरप्राइज’ के मैनेजिंग डायरेक्टर जॉय कामदार के ठिकानों पर रेड की। तलाशी के दौरान उनके घर से करीब 1.2 करोड़ रुपये कैश बरामद किया गया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। 3. TMC विधायक देबाशीष कुमार के घर रेड इससे पहले 17 अप्रैल को इनकम टैक्स विभाग ने राशबिहारी विधानसभा सीट से TMC उम्मीदवार और विधायक देबाशीष कुमार के घर और चुनाव कार्यालय पर छापा मारा। आपको बता दें कि देबाशीष कुमार से ED भी जमीन से जुड़े एक मामले में कई बार पूछताछ कर चुकी है। 4. ममता बनर्जी के प्रस्तावक पर एक्शन ममता बनर्जी के चुनाव नामांकन में उनके प्रस्तावक (nomination proposer) रहे मिराज शाह भी एजेंसियों के रडार पर हैं। इनकम टैक्स विभाग ने उनके ठिकानों पर भी हाल ही में तलाशी अभियान चलाया है। 5. चुनाव रणनीतिकार की गिरफ्तारी TMC की चुनाव रणनीति का काम देखने वाली एजेंसी I-PAC के को-फाउंडर विनेश चंदेल को ED ने 13 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में की गई है। क्या कह रही है TMC? चुनाव से ठीक पहले हो रही इस कार्रवाई पर राजनीति भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी TMC का सीधा आरोप है कि यह सारी कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। TMC नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार जानबूझकर केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है, ताकि TMC के नेताओं और चुनाव कार्यकर्ताओं को डराया जा सके और चुनाव प्रचार में बाधा डाली जा सके। दूसरी तरफ, एजेंसियां इसे भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ चल रही अपनी रूटीन कानूनी प्रक्रिया बता रही हैं। अब देखना यह होगा कि इन छापों का बंगाल चुनाव के नतीजों पर क्या असर पड़ता है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation चुनाव आयोग और TMC की मीटिंग में भारी हंगामा: 5 मिनट में खत्म हुई बैठक, जानिए अंदर क्या हुआ? बंगाल चुनाव में बड़ा बवाल: EVM पर काला टेप और बूथ कैप्चरिंग की शिकायत, 15 बूथों पर हुआ पुनर्मतदान, फ़ाल्टा में 21 मई को फिर पड़ेंगे वोट