नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में इस समय माहौल बेहद संवेदनशील हो चुका है। संसद के मानसून सत्र के बीच जिस तरह से प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच टकराव बढ़ा है, उसने सुरक्षा एजेंसियों की रातों की नींद उड़ा दी है। खुफिया सूत्रों और जमीनी हालातों को देखें तो आने वाले 2 से 3 दिन दिल्ली के लिए बेहद नाजुक होने वाले हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या दिल्ली में कुछ बहुत बड़ा होने वाला है? 1. किसान घाट पर महाजुटाव, जंतर-मंतर पर टकराव जारी जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ चल रहा छात्रों का आंदोलन पहले ही उग्र रूप ले चुका है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद माहौल गर्म है। इसी बीच, देश के 250 से ज्यादा किसान संगठनों के आह्वान पर हजारों किसान मोटरसाइकिलों और गाड़ियों से दिल्ली के ‘किसान घाट’ की तरफ कूच कर चुके हैं। सिर्फ पंजाब ही नहीं, बल्कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से भी भारी संख्या में लोग दिल्ली की सीमाओं पर दस्तक दे रहे हैं। 2. अगले 2-3 दिनों में क्यों बढ़ सकता है तनाव? संसद का घेराव करने की रणनीति: सूत्रों के मुताबिक, विभिन्न प्रदर्शनकारी संगठन अगले 48 से 72 घंटों के भीतर संसद भवन की तरफ बढ़ने या उसे घेरने की बड़ी रणनीति बना रहे हैं। अल्टिमेटम का समय: सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों द्वारा सरकार को दिए गए कुछ अल्टिमेटम की अवधि अगले 2 दिनों में खत्म हो रही है। अगर सरकार की तरफ से कोई बातचीत की पहल नहीं होती है, तो आंदोलनकारी बड़ा कदम उठा सकते हैं। बॉर्डर्स पर बढ़ सकती है सख्ती: जैसे-जैसे बाहरी राज्यों से लोगों का आना बढ़ रहा है, पुलिस दिल्ली के सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर को पूरी तरह सील करने की तैयारी में है। इससे दिल्ली की सीमाओं पर बड़ा गतिरोध पैदा हो सकता है। 3. छावनी में तब्दील हुई सेंट्रल दिल्ली आने वाले दिनों के खतरे को भांपते हुए दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्सेज ने पूरी सेंट्रल दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया है। संसद मार्ग, इंडिया गेट, कनॉट प्लेस और मंडी हाउस जैसे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था 3 गुना बढ़ा दी गई है। नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू है, जिसके तहत किसी भी जगह भीड़ इकट्ठा होने पर पूरी पाबंदी है। कुछ संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के लिहाज से इंटरनेट की रफ्तार कम की गई है या सेवाएं अस्थायी रूप से रोकी गई हैं। आम जनता के लिए एडवाइजरी: घर से निकलने से पहले सोचें ट्रैफिक पुलिस ने साफ कर दिया है कि अगले 2 से 3 दिनों तक सेंट्रल दिल्ली और बॉर्डर्स वाले रास्तों पर भयंकर जाम की स्थिति रह सकती है। आम जनता को सलाह दी गई है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही इन रास्तों का इस्तेमाल करें और मेट्रो सेवा को प्राथमिकता दें। अब सबकी नजरें सरकार और आंदोलनकारियों के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या बातचीत से रास्ता निकलेगा या अगले 2-3 दिनों में दिल्ली में टकराव का एक नया दौर देखने को मिलेगा? Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन में पुलिस लाठीचार्ज के दौरान सादे कपड़ों में दिखे संदिग्धों पर उठे सवाल