नई दिल्ली:आज संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित (Adjourned Sine Die) कर दिया गया। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के साथ सत्र के समापन की औपचारिक घोषणा की गई।

एक तरफ जहां सरकार इसे सत्र समाप्ति की तय संसदीय प्रक्रिया बता रही है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष ने इस अचानक हुए स्थगन को लेकर सरकार पर तीखे हमले किए हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए:

 सदन में देर से उपस्थिति: उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह 20 दिन बाद सदन में उपस्थित हुए थे।

 आते ही स्थगन: विपक्ष का दावा है कि जैसे ही प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में आए, तुरंत सभापति द्वारा कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

 सवाल पूछने का डर: सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि यह कदम विपक्ष और राहुल गांधी के सवालों तथा जिम्मेदारियों से बचने के लिए उठाया गया है।

सत्र की कुल स्थिति और सरकारी पक्ष

12 विधेयक पारित: सरकार के अनुसार, हंगामे के बावजूद सत्र के दौरान 12 महत्वपूर्ण विधेयक पास किए गए।

 उत्पादकता के आंकड़े:

 लोकसभा की कार्यक्षमता: लगभग 19%

 राज्यसभा की कार्यक्षमता: लगभग 39%

विपक्ष के लगातार विरोध और नीट (NEET) पेपर लीक जैसे मुद्दों पर जारी गतिरोध के बीच संसद का यह मानसून सत्र समाप्त हो गया।

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