भारतीय बैंकिंग व्यवस्था के सर्वोच्च नियामक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के शीर्ष नेतृत्व में एक बड़ा और रणनीतिक बदलाव देखने को मिला है। भारत सरकार ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ वैज्ञानिक एस. सोमनाथ को रिजर्व बैंक के केंद्रीय निदेशक मंडल (Central Board) में बतौर गैर-सरकारी निदेशक मनोनीत किया है। यह नियुक्ति आधिकारिक रूप से 4 वर्षों की अवधि के लिए की गई है। इसके साथ ही प्रसिद्ध उद्योगपति आनंद महिंद्रा के कार्यकाल को भी बोर्ड में अगले 4 साल के लिए विस्तार दिया गया है।

एस. सोमनाथ के नेतृत्व में देश ने चंद्रयान-3 और सौर मिशन आदित्य-एल1 जैसी ऐतिहासिक अंतरिक्ष सफलताएं हासिल की हैं। वर्तमान दौर में जब बैंकिंग प्रणाली पूरी तरह डिजिटल भुगतान, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, ब्लॉकचेन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर निर्भर हो चुकी है, तब ऐसे शीर्ष वैज्ञानिक का बोर्ड में आना नीतिगत सुरक्षा को नई ऊंचाई देगा। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी तकनीकी समझ से साइबर सुरक्षा के मानक तय करने, यूपीआई नेटवर्क की सुरक्षा बढ़ाने और डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी से निपटने के लिए मजबूत नीतियां बनाने में केंद्रीय बैंक को मदद मिलेगी।

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