लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा बिल, BJP ने बताया ‘नारी शक्ति का अपमान’, जानिए विपक्ष ने क्यों किया विरोध नई दिल्ली: संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में 17 अप्रैल 2026 को पेश किया गया 131वां संविधान संशोधन बिल पास नहीं हो सका। इस बिल में महिलाओं को 33% आरक्षण देने के साथ-साथ परिसीमन (Delimitation) का प्रस्ताव भी शामिल था। बिल के गिरते ही देश में एक नई राजनीतिक बहस छिड़ गई है। सत्तारूढ़ दल BJP इसे ‘महिलाओं का अपमान’ बता रही है, तो वहीं विपक्ष का कहना है कि उनका विरोध आरक्षण से नहीं, बल्कि परिसीमन के तरीके से है। आंकड़ों के खेल में कैसे अटका बिल? यह एक संविधान संशोधन बिल था, इसलिए इसे पास करने के लिए सदन में मौजूद सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी। वोटिंग के समय लोकसभा में 528 सांसद मौजूद थे, इसलिए बिल पास कराने के लिए 352 वोटों की दरकार थी। लेकिन, पक्ष में सिर्फ 298 वोट पड़े और 230 सांसदों ने इसके खिलाफ वोट किया। जरूरी आंकड़ा न मिलने के कारण यह अहम बिल गिर गया। BJP ने विपक्ष पर बोला तीखा हमला बिल पास न होने के बाद BJP ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया है। पार्टी का कहना है कि सरकार महिलाओं को तुरंत 33% आरक्षण देकर उन्हें सशक्त बनाना चाहती थी, लेकिन विपक्ष ने इस रास्ते में रोड़ा अटका दिया। BJP इसे सीधा ‘महिला अपमान’ और नारी शक्ति को राजनीति में पीछे धकेलने की साजिश बता रही है। विपक्ष का तर्क: विरोध आरक्षण का नहीं, परिसीमन का है दूसरी तरफ, विपक्षी दलों ने BJP के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि वे महिला आरक्षण के पूरे समर्थन में हैं। उनका असल विरोध बिल में शामिल ‘परिसीमन’ के फॉर्मूले से है। दरअसल, इस बिल में 2011 की जनगणना के आधार पर लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव था। विपक्षी नेताओं, खासकर दक्षिण भारतीय राज्यों का तर्क है कि सीटों के इस नए बंटवारे से उन राज्यों का भारी राजनीतिक नुकसान होगा जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतरीन काम किया है। अब आगे क्या होगा? इस मुख्य बिल के गिरने का असर अन्य कामकाज पर भी पड़ा है। सरकार को मजबूरन परिसीमन से जुड़े दो अन्य बिल भी वापस लेने पड़े। यह बिल खास तौर पर इसलिए लाया गया था ताकि 2029 के लोकसभा चुनावों से ही महिला आरक्षण को लागू किया जा सके। लेकिन अब इस बिल के पास न होने से आरक्षण लागू होने में और अधिक समय लग सकता है। शनिवार को इसी घमासान के बीच संसद की कार्यवाही को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation मल्लिकार्जुन खड़गे के बिगड़े बोल: गुजरातियों को कहा ‘अनपढ़’, भड़के लोगों ने दिल्ली में किया भारी प्रदर्शन पुलिस अधिकारियों को धमकाना पड़ा भारी, BJP ने विधायक प्रीतम लोधी को थमाया नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब