मध्य प्रदेश के पिछोर से विधायक प्रीतम लोधी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। करैरा SDOP को धमकाने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के मामले में बीजेपी प्रदेश नेतृत्व ने कड़ा एक्शन लिया है ! भोपाल/शिवपुरी: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक प्रीतम लोधी के विवादित बोल उनके लिए मुसीबत बन गए हैं। पुलिस अधिकारियों (IPS और SDOP) के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और खुलेआम धमकी देने के मामले में पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश नेतृत्व ने विधायक को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर 3 दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। क्या है पूरा मामला? आपको बता दें कि हाल ही में विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी पर अपनी तेज रफ्तार गाड़ी से 5 लोगों को जोरदार टक्कर मारने का आरोप लगा था। इस हिट-एंड-रन मामले में जब करैरा के SDOP डॉ. आयुष जाखड़ ने कानूनी कार्रवाई की और पुलिस ने सख्ती दिखाई, तो विधायक जी अपना आपा खो बैठे। उन्होंने SDOP के लिए बहुत ही अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया और 15 दिन के भीतर अधिकारी के घर में गोबर भरवाने की खुली धमकी दे डाली। IPS एसोसिएशन के विरोध के बाद जागा अनुशासन विधायक की इस गुंडागर्दी और अमर्यादित भाषा के बाद मध्य प्रदेश IPS एसोसिएशन ने भारी नाराजगी जताई थी। पुलिस महकमे के कड़े विरोध और बढ़ते बवाल को देखते हुए 22 अप्रैल 2026 को BJP की ओर से विधायक हेमंत खंडेलवाल ने यह आधिकारिक नोटिस जारी किया है। नोटिस में साफ तौर पर लिखा है कि विधायक का आचरण पार्टी अनुशासन के बिल्कुल विपरीत है और अत्यंत आपत्तिजनक है। यदि 3 दिन में उनकी तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। CM मोहन यादव तक पहुंचा मामला इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस कारण बताओ नोटिस की कॉपी (प्रतिलिपि) सीधे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश सहित कई बड़े नेताओं को भेजी गई है। अब पूरी प्रदेश की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इन 3 दिनों के अल्टीमेटम के बाद प्रीतम लोधी क्या जवाब देते हैं। क्या वे अपनी गलती मानकर पुलिस अधिकारियों से माफी मांगेंगे या फिर सत्ताधारी पार्टी अपने विधायक पर कोई बड़ा और कड़ा एक्शन लेगी? Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation क्या मध्य प्रदेश में ‘बड़ा किसान’ होना मुसीबत बन गया है? 21 अप्रैल को भी पोर्टल दे रहा धोखा- ‘बुकिंग अभी छोटे किसानों के लिए’ गांवों में अब फ्री नहीं मिलेगा नल का पानी! बर्बादी रोकने के लिए सरकार ने लागू किया ‘टैक्स और फाइन’ सिस्टम