नई दिल्ली: उत्तर भारत के कई हिस्सों सहित पड़ोसी देशों में आज (27 जून) भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR), जम्मू-कश्मीर और अफगानिस्तान के बड़े हिस्से में जमीन डोलने से लोगों में हड़कंप मच गया। ऊंची इमारतों में रहने वाले लोग दहशत के मारे तुरंत अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।

अफगानिस्तान का हिंदू कुश क्षेत्र था मुख्य केंद्र

सीस्मोलॉजी विभाग (Seismology Department) के अनुसार, इस भूकंप का मुख्य केंद्र (Epicenter) अफगानिस्तान का हिंदू कुश पहाड़ी इलाका था। जमीन के काफी नीचे (Deep-focus earthquake) हुई टेक्टोनिक हलचल के कारण इसके झटके हजारों किलोमीटर दूर भारत की राजधानी तक महसूस किए गए।

वैज्ञानिकों का कहना है कि हिंदू कुश क्षेत्र एक बेहद संवेदनशील फॉल्ट लाइन पर स्थित है, जहाँ अक्सर बड़े भूकंप आते रहते हैं।

दिल्ली और कश्मीर में क्यों लगे तेज झटके

 जम्मू-कश्मीर: भौगोलिक रूप से अफगानिस्तान के नजदीक होने के कारण घाटी और जम्मू के इलाकों में झटके काफी तेज और डराने वाले थे।

 दिल्ली-एनसीआर: दिल्ली की जमीन मुख्य रूप से यमुना की जलोढ़ मिट्टी (Alluvial Soil) से बनी है। यह मिट्टी दूर से आने वाली भूकंपीय तरंगों (Seismic Waves) के कंपन को बढ़ा देती है, जिससे ऊंची इमारतों में तेज झटके महसूस होते हैं।

राहत की बात यह है कि अभी तक दिल्ली-एनसीआर या जम्मू-कश्मीर से किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान या किसी इमारत के गिरने की खबर सामने नहीं आई है। हालांकि, अफगानिस्तान के कुछ ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों से पुरानी इमारतों को मामूली नुकसान पहुँचने की शुरुआती रिपोर्ट्स आ रही हैं। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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