​नई दिल्ली:

उत्तर-पश्चिम दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में रविवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक स्पोर्ट्स सामान बनाने वाली फैक्ट्री और गोदाम में भीषण आग लग गई। आग की लपटें और काला धुआं इतनी तेजी से फैला कि आसपास के रिहायशी मकानों में रहने वाले लोग दहशत में आ गए। धुएं से दम घुटने और रास्ता बंद होने के चलते जान बचाने के लिए महिलाओं और बच्चों समेत लोगों ने छत से नीचे छलांग लगा दी। इस हादसे में 6 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

​सुबह 11 बजे भड़की आग, मची अफरा-तफरी

​जानकारी के अनुसार, स्वरूप नगर (खड्डा कॉलोनी) की गली नंबर 2 में स्थित एक इमारत में जूडो ड्रेस, बॉक्सिंग ग्लव्स और जिम के सामान की फैक्ट्री व गोदाम संचालित हो रहा था। रविवार होने के चलते फैक्ट्री में काम बंद था और मजदूर अंदर नहीं थे। सुबह करीब 11 बजे भूतल और पहली मंजिल पर रखे रेक्सिन व कॉटन के स्टॉक में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी इमारत काले धुएं के गुबार से घिर गई।

​जान बचाने को छत से कूदे लोग

​आग का धुआं और भीषण तपिश पास की रिहायशी इमारतों तक पहुंचने लगी। सीढ़ियों और गलियों में घना धुआं भर जाने के कारण बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं बचा। दम घुटने और आग की चपेट में आने के डर से स्थानीय लोगों ने जान की परवाह किए बिना ऊपरी मंजिल और छत से नीचे छलांग लगानी शुरू कर दी। नीचे कूदने और झुलसने की वजह से 6 लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को बाबू जगजीवन राम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

​दमकल की 15 गाड़ियों ने पाया काबू

​दिल्ली फायर सर्विस को सुबह 11:05 बजे घटना की सूचना मिली। रिहायशी और तंग इलाका होने के कारण दमकलकर्मियों को मौके तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। दमकल की 15 गाड़ियों और रेस्क्यू टीम ने करीब 3 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद दोपहर 1:50 बजे तक आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया।

​अवैध संचालन के एंगल से जांच जारी

​आग लगने का प्राथमिक कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, दिल्ली पुलिस और स्थानीय प्रशासन इस बात की विस्तृत जांच कर रहा है कि घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र में ज्वलनशील सामान की यह फैक्ट्री नियमों के तहत चल रही थी या अवैध रूप से चलाई जा रही थी। इमारत में फायर एनओसी (NOC) और सुरक्षा मानकों की स्थिति की भी पड़ताल की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!