शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में छात्रावास निर्माण, डिजिटल लर्निंग और ड्रॉपआउट कम करने पर विशेष जोर।

​मंडला:

जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और स्कूलों में बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की शैक्षणिक गतिविधियों, सर्व शिक्षा अभियान और चल रहे निर्माण कार्यों की बारीकी से समीक्षा की गई।

​निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं

कलेक्टर ने बैठक में स्पष्ट किया कि बच्चों की अच्छी पढ़ाई के साथ-साथ स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं होना बेहद जरूरी है। जिले में बालक एवं बालिका छात्रावासों की स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि वर्तमान में 6 छात्रावासों का निर्माण कार्य जारी है, जबकि 8 कार्य शुरू होना बाकी हैं। कलेक्टर ने अप्रारंभ कार्यों को तत्काल शुरू कराने और निर्माणाधीन कार्यों को समय-सीमा के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए और ब्लॉक स्तरीय अमला इसकी नियमित मॉनिटरिंग करे।

​डिजिटल लर्निंग और ड्रॉपआउट रोकने पर फोकस

विद्यार्थियों के सीखने के स्तर (लर्निंग आउटकम) में सुधार के लिए कलेक्टर ने आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और डिजिटल माध्यमों के अधिकतम उपयोग पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में बच्चों का नामांकन (Enrollment) बढ़ाने और पढ़ाई बीच में छोड़ने (Dropout) की दर को न्यूनतम करने के लिए ब्लॉक स्तर पर परिणाम आधारित कार्ययोजना तैयार की जाए।

​जमीनी स्तर पर निगरानी जरूरी

कलेक्टर श्री धोटे ने कहा कि व्यवस्था में सुधार तभी संभव है जब योजनाओं का सही क्रियान्वयन हो और मैदानी स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाए। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मुन्नी वरकड़े, एसी ट्राईबल डॉ. अरूण शुक्ला, डीपीसी श्री अशोक शुक्ला सहित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO), बीआरसी और बीएसी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!