भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में खनिज साधन विभाग की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रस्तावित ‘राज्य खनिज अन्वेषण नीति-2026’ पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि खनिज संपदा के दोहन में पारदर्शिता, पर्यावरण संतुलन और आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई गति मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश प्राकृतिक और खनिज संपदा से पूरी तरह संपन्न राज्य है। खनिज नीति ऐसी होनी चाहिए जिससे केवल राजस्व ही न बढ़े, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार, नए निवेश और क्षेत्र के समग्र विकास को भी बढ़ावा मिले। बैठक के मुख्य बिंदु एवं निर्देश: राजस्व का बड़ा लक्ष्य: वित्त वर्ष 2030-31 तक राज्य के खनिज राजस्व को ₹30,000 करोड़ तक पहुंचाने के लिए एक मजबूत और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। सिंगरौली बनेगा मॉडल जिला: सिंगरौली को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, वन, पर्यावरण, सड़क और वाटरशेड के क्षेत्र में एक ‘मॉडल जिला’ के रूप में विकसित किया जाएगा। आमजन तक पहुंचे लाभ: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि खनिज संसाधनों से मिलने वाले राजस्व और लाभ का सीधा फायदा आम नागरिकों तक पहुंचना चाहिए। डीएमएफ (DMF) राशि का सही उपयोग: डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) की राशि का प्रभावी उपयोग जनहित और स्थानीय विकास कार्यों में सुनिश्चित किया जाए। पारदर्शिता और पर्यावरण संरक्षण: खनिजों की खोज और खनन में पर्यावरण-सम्मत तकनीक और पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया। बैठक में खनिज साधन विभाग और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रस्तावित नीति के क्रियान्वयन को लेकर जल्द ही आगामी कदम उठाए जाएंगे। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाओं के लिए ठोस कार्ययोजना बनाएं, कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे ने दिए सख्त निर्देश ग्रामीणों को मिलेगा अपने घर-जमीन का असली हक: 50 लाख से अधिक परिवारों की होगी मुफ्त रजिस्ट्री, 17 सितंबर से महाअभियान