चंडीगढ़ / गुरुग्राम: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) से जुड़ा एक कथित विवादित वीडियो इस समय देश की राजनीति का सबसे बड़ा हॉट टॉपिक बना हुआ है। सोशल मीडिया पर शुरू हुआ यह विवाद अब इंटरनेशनल साजिश, हाई-टेक सिलिकॉन मास्क, ₹10 लाख की रिश्वत और पुलिस की फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट के दलदल में फंस चुका है। इस पूरे मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले मोड़ आ रहे हैं। आइए सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं कि आखिर इस पूरे बखेड़े का सच क्या है। शुरुआती विवाद: सोशल मीडिया पर सीएम भगवंत मान से मिलता-जुलता एक आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद सिख संस्था अकाल तख्त ने उन्हें ‘धार्मिक रूप से दोषी’ घोषित कर दिया। सीएम मान का पलटवार: मुख्यमंत्री का दावा है कि कनाडा में एक एनआरआई ने उनका ‘सिलिकॉन मास्क’ पहनकर फर्जी वीडियो शूट किया है। गुरुग्राम पुलिस का एक्शन: पुलिस ने दो साइबर एक्सपर्ट्स को गिरफ्तार किया है, जिन पर ₹10 लाख की रिश्वत लेकर वीडियो को फर्जी बताने वाली फेक फोरेंसिक रिपोर्ट बनाने का आरोप है। सीएम भगवंत मान का दावा – ‘कनाडा में सिलिकॉन मास्क का खेल’ इस पूरे विवाद पर खुद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने वीडियो को पूरी तरह से फर्जी और अपनी छवि खराब करने की एक गहरी राजनीतिक साजिश बताया। सीएम मान ने खुद को बेकसूर साबित करने के लिए ये दलीलें दीं: हाइपर-रियलिस्टिक मास्क: सीएम का दावा है कि कनाडा में रहने वाले एक एनआरआई (जगमन समरा) ने हूबहू उनके चेहरे जैसा दिखने वाला हाई-टेक सिलिकॉन मास्क पहनकर कनाडा के ही एक होटल में यह वीडियो रिकॉर्ड किया है। गर्दन का निशान: मान ने सबूत के तौर पर कहा, “मेरी गर्दन पर एक पुरानी सर्जरी का गहरा निशान (Scar) है, जो वीडियो में दिख रहे शख्स की गर्दन पर कहीं नहीं है।” कद-काठी का अंतर: वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री से करीब 2 इंच लंबा है और उसकी चाल-ढाल भी अलग है। गुरुग्राम पुलिस का बड़ा खुलासा – ₹10 लाख की रिश्वत और फर्जी रिपोर्ट अभी यह मामला चल ही रहा था कि गुरुग्राम (हरियाणा) पुलिस की एक कार्रवाई ने पंजाब सरकार और पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया। गुरुग्राम पुलिस ने एक प्राइवेट साइबर लैब के दो फोरेंसिक एक्सपर्ट्स को दबोच लिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि पंजाब पुलिस के कुछ बड़े अधिकारियों ने इस प्राइवेट लैब के एक्सपर्ट्स को 10 लाख रुपये की रिश्वत दी थी। मकसद यह था कि लैब एक ऐसी फर्जी (मैनुपुलेटेड) फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार कर दे, जिससे यह साबित हो सके कि वीडियो असली नहीं बल्कि एआई (AI) या डीपफेक द्वारा बनाया गया है। इस खुलासे के बाद खुद पंजाब पुलिस के आला अधिकारी जांच के घेरे में आ गए हैं। कनाडा से आया पलटवार – “अगर सबूत हैं तो सामने लाएं” मुख्यमंत्री द्वारा सीधे तौर पर नाम लिए जाने के बाद कनाडा में रह रहे एनआरआई जगमन समरा ने भी एक वीडियो जारी कर पलटवार किया है। समरा ने सीएम के ‘मास्क वाले दावे’ को मनगढ़ंत बताते हुए चुनौती दी है कि अगर पंजाब सरकार के पास मास्क खरीदने या इस साजिश से जुड़ा कोई भी सबूत है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। विपक्ष का चौतरफा हमला: इस्तीफे की मांग तेज गुरुग्राम पुलिस द्वारा फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट रैकेट का पर्दाफाश करने के बाद बीजेपी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पूरी तरह आक्रामक हो गए हैं। विपक्ष का आरोप है कि मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी और साख बचाने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रहे हैं और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करवा रहे हैं। पंजाब में अब मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज हो गए हैं। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation पंजाब में सियासी हलचल तेज: CM भगवंत मान ने राष्ट्रपति से की राघव चड्ढा समेत 6 सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग