नई दिल्ली / रांची: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अब झारखंड में घिरते नज़र आ रहे हैं। रांची की सड़कों पर प्रतियोगी परीक्षाओं (JPSC-JSSC) में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ हजारों छात्र उतर चुके हैं। लेकिन जब रांची में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और वॉटर कैनन चलाई, तो इस घटना ने दिल्ली की सियासत में भूचाल ला दिया।

BJP का सीधा हमला: “दिल्ली में हमदर्द, रांची में खामोश क्यों?”

झारखंड में JMM और कांग्रेस की गठबंधन सरकार है। इसी बात को हथियार बनाकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।

 दोहरे रवैये का आरोप: BJP नेताओं ने सवाल उठाया कि जब बात बीजेपी शासित राज्यों या दिल्ली की होती है, तो राहुल गांधी तुरंत मौके पर पहुंच जाते हैं। लेकिन जब कांग्रेस समर्थित राज्य में छात्रों पर लाठियां बरसती हैं, तो वे रांची जाने से कतराते हैं।

 संसद में हंगामा: संसद परिसर में एनडीए सांसदों ने प्रदर्शन कर राहुल गांधी को घेरा। बीजेपी सांसदों ने चुनौती दी कि अगर राहुल गांधी वाकई युवाओं के साथ हैं, तो वे हेमंत सोरेन सरकार से अपना समर्थन वापस लेकर दिखाएं।

राहुल गांधी की सफाई: “बल प्रयोग पूरी तरह गलत”

लगातार बढ़ते राजनीतिक दबाव के बाद राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर अपना रुख साफ किया है:

“चाहे सरकार कांग्रेस की हो, झारखंड की हो या केंद्र की, शांतपूर्वक प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग पूरी तरह गलत है। छात्रों को अपनी आवाज उठाने का पूरा अधिकार है और सरकार को बातचीत के जरिए ही इसका समाधान निकालना चाहिए।”

इसके साथ ही राहुल गांधी ने रांची में आंदोलन कर रहे छात्र नेताओं से फोन पर बात कर उनकी समस्याएं सुनने और समर्थन देने का आश्वासन भी दिया है।

 JPSC-JSSC में धांधली का आरोप: छात्र पिछले कई दिनों से भर्ती परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर हैं।

 विधानसभा घेराव और बवाल: छात्रों ने रांची में ‘विधानसभा मार्च’ निकाला, जहाँ पुलिस के साथ तीखी झड़प हुई और पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया।

चुनाव से पहले झारखंड का यह छात्र आंदोलन अब केवल परीक्षाओं का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बन गया है। एक तरफ जहां BJP इसे भुनाकर राहुल गांधी की ‘युवा नेता’ वाली छवि पर सवाल उठा रही है, वहीं कांग्रेस बचाव की मुद्रा में आकर अपनी ही गठबंधन सरकार को बातचीत से रास्ता निकालने की नसीहत दे रही है।

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