रायसेन में करोड़ों का फ्रॉड, ग्राहकों के अंगूठे लगवाकर निकाला पैसा; आरोपी गोपाल राजपूत गया जेल रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन में एक बड़ा बैंकिंग घोटाला सामने आया है। यहाँ सांची रोड स्थित SBI कियोस्क (ग्राहक सेवा केंद्र) के संचालक गोपाल राजपूत को पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस जांच में जो खुलासे हो रहे हैं, उसने हर किसी को हैरान कर दिया है। आरोपी पर केवल बैंक ग्राहकों के 11 लाख रुपये हड़पने का ही आरोप नहीं है, बल्कि वह बाजार से करीब 1.5 करोड़ रुपये का कर्ज उठाकर “मीटर ब्याज” के जाल में बुरी तरह फंस चुका था। ग्राहकों के अंगूठे लगवाए, फिर सर्वर डाउन का बहाना बनाकर की धोखाधड़ी जांच में सामने आया कि आरोपी गोपाल राजपूत कियोस्क पर आने वाले सीधे-साधे ग्राहकों के अंगूठे के निशान (बायोमेट्रिक) ले लेता था। इसके बाद वह सर्वर नहीं चलने या लिंक फेल होने का बहाना बनाकर ग्राहकों को लौटा देता था। बाद में उन्हीं अंगूठों के निशान का उपयोग करके ग्राहकों के खातों से पैसे निकाल लेता था। रोज चुकाता था 92 हजार रुपये का ब्याज, ‘मीटर ब्याज’ ने किया बर्बाद पूछताछ में पता चला है कि गोपाल पिछले 1.5 साल से बाजार से लाखों रुपये उठा रहा था। वह ऐसे कर्ज के जाल में फंसा जिसे स्थानीय भाषा में “मीटर ब्याज” या “कट्टा ब्याज” कहा जाता है। इस अवैध धंधे में 40 से 100 दिनों के भीतर मूलधन के बराबर ब्याज चुकाना पड़ता है। गोपाल इस दलदल में इतना धंस चुका था कि वह हर रोज 92 हजार रुपये सिर्फ ब्याज के रूप में चुका रहा था। एक कर्ज को चुकाने के लिए वह दूसरा और बड़े ब्याज पर तीसरा कर्ज लेता चला गया। साइकलिंग सिस्टम और सूदखोरों की सूची पुलिस के अनुसार, गोपाल इस पैसे को ‘साइकिलिंग सिस्टम’ (एक जगह से लेकर दूसरी जगह देना) के तहत घुमा रहा था। इस मामले में पुलिस को 8 से 10 ऐसे सूदखोरों की सूची मिली है, जो गोपाल को प्रताड़ित कर रहे थे। गोपाल की पत्नी ने ही पुलिस को इन सूदखोरों के नामों की लिस्ट सौंपी है। ये सूदखोर अवैध रूप से पैसे देकर ब्लैंक चेक, स्टांप पेपर और गाड़ियों के असली दस्तावेज अपने पास गिरवी रख लेते थे। बैंक अधिकारी और पुलिस की तरफ़ से कहा गया कि – रसीद वालों के पैसे लौटेंगे: बैंक के शाखा प्रबंधक अश्विनी कुमार के अनुसार, जिन ग्राहकों के पास पैसा जमा करने की वैध रसीद या दस्तावेज मौजूद हैं, उन्हें जांच के बाद उनकी राशि वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए एक संयुक्त जांच समिति बनाई गई है। कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने बताया कि बिना लाइसेंस के ब्याज पर पैसा चलाना ‘मप्र ऋणियों का संरक्षण अधिनियम 2020’ के तहत गंभीर अपराध है। पुलिस अब उन सूदखोरों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है जिन्होंने गोपाल को इस जाल में फंसाया। फिलहाल पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि बाजार से उठाया गया 1.5 करोड़ रुपया आखिर गया कहाँ, क्योंकि आरोपी के पास अब कोई बड़ी संपत्ति या नकदी नहीं मिली है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation अंधविश्वास का खूनी खेल: गड़े धन की चाह में दोस्त की बेरहमी से हत्या, 3 आरोपी गिरफ्तार कमाल है! जो खुद दिन-रात बैंक का काम संभालता है, वो सूदखोरों के ‘मीटर ब्याज’ के जाल में इतना बेवकूफ कैसे बन गया?