गैरतगंज /रायसेन : मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के गैरतगंज से 7 दिन से लापता साहूकार विजय जैन (48 वर्ष) की हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। गड़े हुए धन (खजाने) को हासिल करने और अंधविश्वास के चक्कर में विजय जैन के ही दोस्तों ने तांत्रिक अनुष्ठान के बहाने बुलाकर कुल्हाड़ी से काटकर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

10 नाखून वाले कछुए की तलाश में रची साजिश

पुलिस जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी प्रहलाद साहू पिछले कई दिनों से 10 नाखून वाले कछुए की तलाश कर रहा था। आरोपियों का मानना था कि 10 नाखून वाले कछुए के जरिए तांत्रिक क्रिया करके करोड़ों रुपये का गड़ा हुआ धन (खजाना) निकाला जा सकता है। तांत्रिक अनुष्ठान के दौरान ‘नरबलि’ (मानव बलि) देने के अंधविश्वास के चलते आरोपियों ने अपने ही दोस्त विजय जैन को निशाना बनाया।

तांत्रिक अनुष्ठान के बहाने बुलाया और कर दी हत्या

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कुबूल किया कि:

 7 जुलाई को विजय जैन को एक मोटरसाइकिल पर बैठाकर ग्राम परसिया के पास चबूतरे पर ले जाया गया।

 वहां तांत्रिक अनुष्ठान के दौरान आरोपियों ने कहा कि “दफिना (गड़ा धन) बलि मांग रहा है।”

 इसके बाद तीनों आरोपियों ने विजय जैन के हाथ-पैर पकड़ लिए और कुल्हाड़ी से गर्दन पर वार कर उनकी हत्या कर दी।

 हत्या के बाद शव को छिपाने के उद्देश्य से नदी के किनारे गड्ढा खोदकर दफना दिया गया।

नकली (कृत्रिम) आंख से हुई मृतक की पहचान

विजय जैन 9 जुलाई से लापता थे और परिजनों ने उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 13 जुलाई को पुलिस को परसिया के पास नदी किनारे मिट्टी में एक शव दबे होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब शव को निकाला, तो उसकी बाईं आंख कृत्रिम (आर्टिफिशियल) आंख थी। इसी नकली आंख, कपड़ों और चप्पलों के आधार पर शव की शिनाख्त विजय जैन के रूप में हुई।

रायसेन पुलिस अधीक्षक (SP) आशुतोष गुप्ता के निर्देशन में गठित विशेष पुलिस टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर संदिग्धों को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी, फावड़ा, आरोपियों की बाइक और मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

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