नई दिल्ली / लेह: NEET और NET जैसी देश की प्रतिष्ठित परीक्षाओं में हुई धांधली और पेपर लीक के खिलाफ लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल आज तीसरे दिन (Day 3) में प्रवेश कर गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के पुनर्गठन की मांग को लेकर वांगचुक पूरी तरह अड़े हुए हैं।

पिछले 48 घंटों से अन्न का एक दाना न लेने के कारण उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ना शुरू हो गया है, लेकिन उनके समर्थकों का कहना है कि देश के युवाओं को न्याय दिलाने का उनका संकल्प थमा नहीं है।

 लगातार तीसरे दिन भूख हड़ताल पर रहने के कारण सोनम वांगचुक का ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल गिरा है, लेकिन उन्होंने डॉक्टरों की शुरुआती सलाह के बाद भी अनशन तोड़ने से साफ इनकार कर दिया है।

 सोशल मीडिया पर बढ़ा समर्थन: CJP और विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी के बाद देशभर के युवाओं में इस आंदोलन को लेकर भारी आक्रोश है।

अनशन स्थल पर देश के अलग-अलग हिस्सों से आए छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का पहुंचना शुरू हो गया है, जो वांगचुक के समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं।

“यह देश के भविष्य को बचाने की आखिरी लड़ाई” – वांगचुक

अनशन के तीसरे दिन अपने संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा:

लाखों छात्रों की मेहनत को पेपर लीक माफियाओं के हवाले नहीं किया जा सकता। अगर शिक्षा मंत्री इस बड़ी नाकामी की जिम्मेदारी नहीं ले रहे हैं, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता का ठोस भरोसा नहीं मिलता, मेरा अनशन जारी रहेगा।”

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