नई दिल्ली: देश की राजनीति में एक नया और बड़ा विवाद सामने आ रहा है। विपक्षी दलों का गठबंधन (INDIA ब्लॉक) संसद के चालू सत्र में मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव (Impeachment Motion) लाने की योजना बना रहा है। क्या है पूरी खबर? सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस, TMC और समाजवादी पार्टी जैसे प्रमुख विपक्षी दल इस प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं। विपक्ष चुनाव आयोग के कुछ हालिया फैसलों और चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगातार अपनी नाराजगी जता रहा है। इसी के चलते उन्होंने संसद में यह कड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। क्या मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाना आसान है? भारतीय संविधान के आर्टिकल 324(5) के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाना बहुत मुश्किल प्रक्रिया है। इसके नियम इस प्रकार हैं: • उन्हें केवल उसी तरीके से हटाया जा सकता है, जैसे सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाया जाता है। • इसके लिए संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में प्रस्ताव पास होना जरूरी है। • प्रस्ताव को पास करने के लिए दोनों सदनों में उपस्थित और वोट करने वाले सदस्यों का कम से कम 2/3 बहुमत चाहिए। मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का नियम बिल्कुल सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाने जैसा होता है। प्रस्ताव को संसद में पेश करने के लिए अलग-अलग सदनों के हिसाब से सदस्यों के हस्ताक्षर (Sign) चाहिए होते हैं: • अगर यह प्रस्ताव लोकसभा में पेश किया जाता है, तो कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर होना जरूरी है। • अगर यह प्रस्ताव राज्यसभा में पेश किया जाता है, तो कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर होना जरूरी है। क्या होगा? विपक्ष पहले ही लोकसभा स्पीकर के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात कह चुका है। अब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की तैयारी से यह साफ है कि संसद के आने वाले दिन काफी हंगामेदार होने वाले हैं। सत्ता पक्ष (सरकार) और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation संसद के बाहर विपक्ष का जोरदार हंगामा: पश्चिम एशिया संकट और महंगाई पर सरकार को घेरा संसद की कार्यवाही ठप: जनता के पैसों और समय का भारी नुकसान