भोपाल : मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। राज्य में जल्द ही तबादलों (Transfers) से प्रतिबंध हटने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि 15 मई से लगभग एक महीने के लिए ट्रांसफर से बैन हटाया जा सकता है। इसके साथ ही, कैबिनेट ने प्रदेश के व्यापारियों के हित में ‘व्यापारी कल्याण बोर्ड’ बनाने का भी एक बड़ा फैसला लिया है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिखाई सख्ती मध्य प्रदेश की नई तबादला नीति (Transfer Policy 2026) का ड्राफ्ट लगभग तैयार है और इसे अगली कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिल सकती है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ट्रांसफर पॉलिसी में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जब पहले ही इस पर बात हो चुकी है, तो अभी तक नीति क्यों नहीं आई? सीएम ने अधिकारियों को इसे जल्द लागू करने के निर्देश दिए हैं। कैबिनेट में खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने स्वैच्छिक (Voluntary) ट्रांसफर की सीमा बढ़ाने का सुझाव दिया, क्योंकि विधायकों और कार्यकर्ताओं की तरफ से बहुत दबाव रहता है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने भी इस बात का समर्थन किया। स्कूल शिक्षा विभाग की पॉलिसी होगी अलग इस बार सबसे बड़ा बदलाव यह है कि सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की नीति से स्कूल शिक्षा विभाग को अलग रखा गया है। शिक्षकों के लिए एक अलग ट्रांसफर पॉलिसी तैयार हो चुकी है, जिसे अलग से कैबिनेट में लाया जाएगा। क्या है ट्रांसफर का नया गणित? नई नीति के तहत तबादलों के लिए विभाग में कुल पदों (Cadre Strength) के आधार पर एक सीमा तय की गई है: • 200 पदों तक वाले संवर्ग में: 20% • 201 से 1000 पदों तक: 15% • 1001 से 2000 पदों तक: 10% • 2000 से ज्यादा पदों पर: 5% इसी लिमिट के अंदर प्रशासनिक और स्वैच्छिक ट्रांसफर 50-50 के अनुपात में किए जाएंगे। हालांकि, मंत्री अब इसी स्वैच्छिक ट्रांसफर के प्रतिशत को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इन कर्मचारियों का नहीं होगा ट्रांसफर सामान्य प्रशासन विभाग ने यह साफ कर दिया है कि जिन कर्मचारियों और शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना (Census) शाखा के कामों में लगाई गई है, उनका ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। यह व्यवस्था मार्च 2027 तक लागू रह सकती है। व्यापारियों के लिए बड़ी खबर: बनेगा ‘व्यापारी कल्याण बोर्ड’ तबादलों के अलावा, कैबिनेट ने प्रदेश में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए ‘राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड’ के गठन को भी मंजूरी दे दी है। इस बोर्ड की कमान (अध्यक्ष) खुद मुख्यमंत्री संभालेंगे। • क्या काम करेगा यह बोर्ड? यह व्यापारियों की समस्याओं को सीधे सरकार तक पहुंचाएगा और व्यापारिक माहौल को सुधारने के लिए नीतिगत सुझाव देगा। • कौन होगा शामिल? इसमें संबंधित विभागों के मंत्री, अधिकारी और CII, FICCI, DICCI, लघु उद्योग भारती जैसे प्रमुख व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। • हर 3 महीने में होगी बैठक: बोर्ड की हर 3 महीने में एक बैठक अनिवार्य होगी। • जिला स्तर पर भी बनेगी कमेटी: समस्याओं के जल्दी समाधान के लिए सिर्फ राज्य स्तर पर ही नहीं, बल्कि जिला स्तर पर भी कमेटियां बनाई जाएंगी। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation वेयरहाउस की 120% क्षमता तक भंडारण को मिली मंजूरी, भोपाल संभाग में भी है इसकी सख्त जरूरत उपार्जन पोर्टल की खामी से बढ़ रही किसानों की परेशानी: स्लॉट डिलीट का विकल्प न होने से हो रहा भ्रष्टाचार