भारत को दक्षिण-पूर्व एशिया (ASEAN) से जोड़ने वाला ऐतिहासिक 1,360 किलोमीटर लंबा IMT त्रिपक्षीय हाईवे (India-Myanmar-Thailand Highway) अब अपने अंतिम दौर में है। यह सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि भारत के आर्थिक और व्यापारिक भविष्य की नई लाइफलाइन बनने जा रही है। व्यापार और इकोनॉमी में होगा महा-बदलाव (Trade & Economic Impact) 1. सस्ता और तेज लॉजिस्टिक्स: अभी तक भारत से थाईलैंड सामान भेजने के लिए समुद्री मार्ग का सहारा लेना पड़ता है, जिसमें हफ्तों का समय लगता है। इस हाईवे के चालू होने से माल ढुलाई (Freight Movement) का समय 30% से 40% तक घट जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार लागत में भारी कमी आएगी। 2. पूर्वोत्तर (Northeast) बनेगा ट्रेड हब: मणिपुर, असम और नागालैंड जैसे राज्य इस हाईवे के जरिए सीधे म्यांमार और थाईलैंड के बाजारों से जुड़ जाएंगे। इससे local कृषि उत्पाद, हस्तशिल्प (Handicrafts) और टेक्सटाइल का निर्यात सीधे हो सकेगा। 3. ASEAN देशों तक सीधी पहुंच: भविष्य में इस हाईवे को लाओस, कंबोडिया और वियतनाम तक विस्तार देने का प्लान है। इससे भारतीय कारोबारियों के लिए 60 करोड़ से अधिक आबादी वाले दक्षिण-पूर्व एशियाई बाजार का दरवाजा खुल जाएगा। रूट मैप: जानिए कहाँ से कहाँ तक जाएगी सड़क भारत (शुरुआत): मणिपुर के मोरे (Moreh) बॉर्डर से यह रोड ट्रिप/ट्रेड रूट शुरू होगा। म्यांमार (ट्रांजिट): तमू (Tamu), कालेवा, मांडले से होते हुए सड़क म्यावाडी पहुंचेगी। थाईलैंड (मंजिल): थाईलैंड के माई सोत (Mae Sot) शहर में हाईवे का समापन होगा, जहाँ से बैंकॉक का रास्ता सुगम है। प्रोजेक्ट की ग्राउंड रिपोर्ट और काम की स्थिति भारत और थाईलैंड में काम 100% पूरा: दोनों देशों ने अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली सड़कों को पूरी तरह से अपग्रेड कर लिया है। म्यांमार में 69 पुलों का निर्माण: म्यांमार के 120 किलोमीटर लंबे कलेवा-यागी सेक्शन में द्वितीय विश्व युद्ध के जमाने के 69 पुराने पुलों को बदलकर नए कंक्रीट ब्रिज बनाए जा रहे हैं। MVA समझौता: तीनों देशों के बीच ‘Motor Vehicles Agreement (MVA)’ पर बातचीत अंतिम दौर में है। इससे व्यापारिक ट्रकों और व्यावसायिक वाहनों को सीमा पर बिना किसी रुकावट के एंट्री मिलेगी। टूरिज्म और एडवेंचर का नया दौर इम्फाल से बैंकॉक बस सेवा: प्रोजेक्ट पूरा होते ही पूर्वोत्तर से सीधे बैंकॉक के लिए बस सेवाएं शुरू होंगी। रोड ट्रिप लवर्स के लिए ड्रीम रूट: ड्राइविंग के शौकीन अब इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट और वीजा के साथ अपनी गाड़ी से 3 देशों की यात्रा का रोमांचक अनुभव ले सकेंगे। कब तक शुरू होगी आवाजाही? सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के बचे हुए कामों को 2027 तक पूरा करने की समय-सीमा तय की गई है। इसके चालू होते ही भारत की ‘Act East Policy’ को एक नया आयाम मिलेगा। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation अमेरिका-ईरान में ऐतिहासिक समझौता: टला महायुद्ध का खतरा, ईरान को मिलेंगे $300 अरब डॉलर; ट्रंप की ‘अकड़’ टूटने के दावे! ताशकंद में PM मोदी और राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव की मुलाकात: भारत-उज्बेकिस्तान दोस्ती को मिली नई रफ्तार