ताशकंद:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ताशकंद में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव (Shavkat Mirziyoyev) के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक की। इस मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस बातचीत से दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा और गति मिली है।

1. व्यापार और निवेश में तेजी: पीएम मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में साझा निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

2. कनेक्टिविटी और चाबहार पोर्ट: मध्य एशिया और भारत के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए चाबहार पोर्ट (Chabahar Port) और INSTC कॉरिडोर के बेहतर इस्तेमाल पर सहमति बनी।

3. रक्षा और सुरक्षा सहयोग: आतंकवाद के खिलाफ साझी लड़ाई और दोनों देशों की सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास (Dustlik) को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

4. शिक्षा और आईटी सेक्टर: भारतीय आईटी कंपनियों के अनुभव का लाभ उज्बेकिस्तान को देने और वहां चल रहे भारतीय विश्वविद्यालयों के जरिए युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देने पर बात हुई।

5. सांस्कृतिक और जन-जन का जुड़ाव: पर्यटन को बढ़ावा देने, वीजा नियमों को आसान बनाने और दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करने का फैसला लिया गया।

पीएम मोदी का संदेश:

“प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक को बेहद सार्थक बताते हुए कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के मजबूत संबंध पूरे मध्य एशियाई क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।”

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