बालाघाट : बालाघाट जिले के बैगाचक क्षेत्र में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) बैगा समुदाय के बच्चों की लगातार हो रही मौतें गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं। इस जमीनी हकीकत को जानने और पीड़ित परिवारों से मिलने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और सामाजिक कार्यकर्ता माया विश्वकर्मा बैगा बस्तियों में पहुँचे।

​बैगा समुदाय के संरक्षण और विकास के नाम पर सरकार हर साल करोड़ों का विशेष बजट जारी करती है, लेकिन धरातल पर स्थितियां इसके बिल्कुल उलट हैं।

​धरातल पर दिखती मुख्य समस्याएँ:

  • ​पेयजल संकट: नल-जल योजना के दावों के बीच लोग आज भी नाले और गड्ढों का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
  • ​स्वास्थ्य केंद्रों की दूरी: गंभीर स्थिति में मरीजों को 40 से 50 किलोमीटर दूर जिला या ब्लॉक मुख्यालय ले जाना पड़ता है।
  • ​कुपोषण और बीमारियाँ: मलेरिया, मौसमी बुखार और गंभीर कुपोषण के चलते मासूम बच्चों की जान जा रही है।
  • ​आंगनवाड़ी एवं राशन: बस्तियों तक नियमित पोषण आहार और स्वास्थ्य निगरानी की सुविधा नहीं पहुँच रही है।
  • ​सड़क और बुनियादी ढाँचा: पक्की सड़कों के अभाव में एंबुलेंस या स्वास्थ्य टीमें समय पर नहीं पहुँच पाती हैं।

​अभिजीत दीपके और माया विश्वकर्मा ने पीड़ित परिवारों से चर्चा के बाद कहा कि विशेष योजनाओं का बजट होने के बावजूद यदि बुनियादी इलाज और साफ पानी के अभाव में बच्चों की मौत हो रही है, तो यह प्रशासनिक लापरवाही और जमीनी निगरानी की भारी कमी को दर्शाता है। प्रशासन को तुरंत मेडिकल कैंप लगाकर प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू करना चाहिए।

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