पटना । बिहार: बिहार की राजधानी पटना, जो देश भर में शिक्षा और कोचिंग का सबसे बड़ा हब माना जाता है, इस समय एक भीषण और रहस्यमयी ‘कोचिंग वॉर’ (Coaching War) की आग में झुलस रहा है। देश के सबसे लोकप्रिय शिक्षक ‘खान सर’ (Khan Sir) और ‘ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी’ के डायरेक्टर रौशन आनंद के बीच की यह कानूनी और आपसी लड़ाई अब एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुकी है। शुरुआत 2 जून की तोड़फोड़ से हुई थी, लेकिन 15 जून तक आते-आते यह मामला जेल, जमानत, नेपाल पुलिस और सीधे ‘मर्डर की साजिश’ के आरोपों तक पहुंच गया है। आइए इस पूरी कहानी को सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं: 2 जून का वह काला दिन (विवाद की शुरुआत) कहानी शुरू होती है 2 जून 2026 को। पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में स्थित खान सर की कोचिंग संस्था ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ (KGS) पर अचानक दर्जनों लड़कों ने धावा बोल दिया। कोचिंग में जमकर तोड़फोड़ की गई, पत्थरबाजी हुई और कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। इस घटना से पटना के शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया। खान सर की टीम ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जब जांच की, तो इसमें पटना की ही एक और बड़ी कोचिंग ‘ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी’ के डायरेक्टर रौशन आनंद और उनके 24 वर्षीय छोटे भाई प्रिंस यादव का नाम सामने आया। 3 जून की गिरफ्तारियां और प्रिंस का फरार होना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए अगले ही दिन यानी 3 जून 2026 को ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रौशन आनंद को गिरफ्तार कर बेउर जेल भेज दिया। पुलिस रौशन के छोटे भाई प्रिंस यादव की तलाश में भी लगातार छापेमारी कर रही थी। गिरफ्तारी और करियर बर्बाद होने के डर से प्रिंस यादव 3 जून को ही पटना से फरार हो गया। वह अपने चचेरे भाई तीर्थ कुमार यादव और 4 अन्य दोस्तों के साथ सीमा पार करके नेपाल के मोरंग जिले के विराटनगर भाग गया और वहां के ‘सुभा होटल’ में छिपकर रहने लगा। 6 जून की रात – नेपाल के होटल में रहस्यमयी मौत नेपाल में छिपकर रहने के दौरान प्रिंस लगातार भारी मानसिक तनाव (Depression) और डर में जी रहा था। फिर तारीख आई 6 जून 2026 (शनिवार)। होटल के कमरे में मौजूद दोस्तों के मुताबिक, शनिवार देर रात प्रिंस की तबीयत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ गई। उसके मुंह से झाग निकलने लगा। घबराए दोस्त उसे तुरंत विराटनगर के न्यूरो अस्पताल लेकर भागे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दोस्तों ने नेपाल पुलिस को बताया कि पुलिस के डर और डिप्रेशन के कारण प्रिंस ने रात में कोई संदिग्ध दवा या जहरीला पदार्थ खा लिया था। नेपाल पुलिस ने तुरंत शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और कमरे से मिर्गी व डिप्रेशन की कुछ दवाइयां बरामद कीं। 9 जून की अदालती लड़ाई (बेल खारिज) प्रिंस की मौत के बाद पटना में माहौल और गरमा गया। रौशन आनंद के वकीलों ने 9 जून 2026 को पटना की निचली अदालत में जमानत (Bail) के लिए अर्जी लगाई ताकि वे जेल से बाहर आकर अपने सगे भाई का अंतिम संस्कार कर सकें। लेकिन कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए 9 जून को रौशन आनंद की जमानत याचिका को खारिज (Reject) कर दिया। 15 जून का धमाका – जमानत और खान सर पर सीधे आरोप निचली अदालत से झटका लगने के बाद मामला सेशंस कोर्ट पहुंचा। आखिरकार 15 जून 2026 को अदालत ने रौशन आनंद की नियमित जमानत मंजूर कर ली और वे बेउर जेल से रिहा हो गए। लेकिन जेल से बाहर आते ही रौशन आनंद ने मीडिया के सामने एक बड़ा विस्फोट कर दिया। उन्होंने अपने भाई की मौत को आत्महत्या मानने से साफ इनकार कर दिया और कहा: “जब मैं जेल में बंद था, तब एक सोची-समझी साजिश के तहत नेपाल में मेरे भाई प्रिंस की हत्या कराई गई है। फैसल खान (खान सर) और उनके करीबियों ने मेरे भाई को जान से मार डाला। मुझे भी केस वापस लेने की धमकियां मिल रही थीं। मैं इस मामले की CBI जांच और खान सर का नार्को टेस्ट कराने की मांग करता हूँ।” खान सर की सफाई और राजनीतिक मोड़ रौशन आनंद के इस गंभीर आरोप के बाद खान सर ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी बात रखी। खान सर ने कहा, “प्रिंस मेरा छोटा भाई जैसा था, उसे कोई क्यों मारेगा? वह पहले से बीमार था। कुछ बाहरी लोग (थर्ड पार्टी) दो कोचिंगों की इस लड़ाई का फायदा उठाकर माहौल खराब करना चाहते हैं।” इस बीच बिहार की राजनीति भी गरमा गई है। कई बड़े नेताओं ने इस मामले को संदिग्ध बताते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। वर्तमान में यह पूरा मामला फोरेंसिक लैब की बिसरा (Visceral) रिपोर्ट पर टिका हुआ है। नेपाल पुलिस ने प्रिंस के शरीर का विसरा सुरक्षित रखा है, लेकिन अभी तक उसकी ऑफिशियल रिपोर्ट बिहार पुलिस को नहीं सौंपी गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि प्रिंस के शरीर में कौन सा जहर या केमिकल था। फिलहाल, पटना पुलिस नेपाल पुलिस के संपर्क में है और बिसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही इस पूरे सस्पेंस से पर्दा उठ सकेगा। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation चीन में परीक्षा के लिए पुलिस बनती है ‘सारथी’, हमारे यहाँ छात्र खाने को मजबूर ‘लाठी’; आखिर क्यों एडवांस प्लानिंग में फेल है हमारा प्रशासन?