नई दिल्ली: देश के मशहूर यूट्यूब शिक्षक खान सर (फैसल खान) और टीवी टुडे नेटवर्क की सीनियर एग्जीक्यूटिव एडिटर अंजना ओम कश्यप के बीच चल रहा विवाद अब कानूनी रूप ले चुका है। अंजना ओम कश्यप द्वारा खान सर और अन्य शिक्षकों के खिलाफ दायर 2 करोड़ रुपये के मानहानि मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से उन्हें फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं मिली है।

जस्टिस मधु जैन की वेकेशन बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए सोशल मीडिया से कथित अपमानजनक कंटेंट को तुरंत हटाने (Interim Injunction) का अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई 2026 को तय की है।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा विवाद NEET परीक्षा और कोचिंग इंडस्ट्री को लेकर टीवी न्यूज चैनल पर आयोजित एक लाइव डिबेट के बाद शुरू हुआ। अंजना ओम कश्यप ने चर्चा के दौरान ‘स्टार टीचर्स’ और शिक्षा के व्यवसायीकरण को लेकर कुछ टिप्पणियां की थीं। इसके जवाब में खान सर, अभिनय शर्मा और बबीता त्यागी सहित कई शिक्षकों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किए।

अंजना ओम कश्यप का आरोप है कि इन वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट्स में उनके खिलाफ “बिकाऊ पत्रकार”, “चाटुकार” और “फेक न्यूज की दुकान” जैसे बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनकी छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है। याचिका में यह भी कहा गया कि विवाद में उनके बच्चे के स्कूल का नाम भी घसीटा गया, जो सुरक्षा के लिहाज से सही नहीं है।

कोर्ट रूम में क्या हुई बहस?

सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीखी बहस देखने को मिली:

 अंजना ओम कश्यप के वकील की दलील: सोशल मीडिया पर वादी (अंजना ओम कश्यप) के खिलाफ असंसदीय और अपमानजनक भाषा का अभियान चलाया जा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इन वीडियो और पोस्ट्स को तुरंत हटाने का निर्देश दिया जाना चाहिए।

 शिक्षकों (प्रतिवादियों) के वकील का जवाब: कोर्ट में शिक्षकों के वकीलों ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पत्रकार ने खुद पहले शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों के खिलाफ झूठे और भ्रामक बयान दिए थे। एक वकील ने टिप्पणी करते हुए कहा, “पहले वे खुद आग लगाती हैं और फिर कहती हैं कि धुएं से दिक्कत है।” इसके साथ ही तकनीकी आधार पर इस याचिका की वैधता को भी चुनौती दी गई।

कोर्ट का रुख और अगली तारीख

हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच ने नोट किया कि मामले में कई प्रतिवादियों ने अभी तक अपना आधिकारिक जवाब दाखिल नहीं किया है। कोर्ट ने सभी पक्षों को अपना जवाब रखने का समय देते हुए कोई भी अंतरिम आदेश पास नहीं किया। अब इस मामले को रेगुलर रोस्टर बेंच के सामने 2 जुलाई 2026 को सुना जाएगा।

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