ईरान ने बैलिस्टिक, सुपरसोनिक और क्रूज़ मिसाइलों के ज़रिए इन जगहों पर हमले किए हैं: • इज़राइल (Israel): ईरान ने सीधे इज़राइल के तेल अवीव (Tel Aviv), हाइफा (Haifa) और गैलिली (Galilee) जैसे शहरों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागी हैं। • संयुक्त अरब अमीरात (UAE): अबू धाबी के अल धफरा एयर बेस और दुबई पर हमले हुए हैं। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मिसाइल हमलों से नुकसान हुआ है, और बुर्ज अल अरब होटल के पास एक ड्रोन का मलबा गिरने से आग लगने की घटना भी सामने आई है। • कतर (Qatar): दोहा के पास स्थित अल उदैद एयरबेस (Al Udeid Airbase) पर हमला किया गया है। यह मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना के एयर ऑपरेशंस का मुख्य हेडक्वार्टर है। • सऊदी अरब (Saudi Arabia): राजधानी रियाद और अन्य इलाकों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया गया है। • बहरीन और कुवैत (Bahrain & Kuwait): इन दोनों देशों में मौजूद अमेरिकी आर्मी बेस पर ईरान ने मिसाइलें दागी हैं। बहरीन में कुछ रिहायशी इमारतों के भी चपेट में आने की खबर है। • जॉर्डन और इराक (Jordan & Iraq): इन देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए गए हैं। सहयोगी गुटों का हमला: ईरान के अलावा लेबनान से ‘हिज़्बुल्लाह’ और यमन से ‘हूती विद्रोहियों’ ने भी इज़राइल की तरफ मिसाइलें दागनी शुरू कर दी हैं। इन हमलों की वजह से सऊदी अरब और UAE जैसे देशों ने कड़ी आपत्ति जताई है और पूरे मिडिल ईस्ट का एयरस्पेस बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 🌐 वैश्विक असर: इन ताबड़तोड़ हमलों के बाद पूरे मिडिल ईस्ट का एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) लगभग बंद कर दिया गया है। भारत समेत दुनिया भर से इस रूट से जाने वाली दर्जनों अंतरराष्ट्रीय उड़ानें या तो रद्द कर दी गई हैं या उनके रूट बदल दिए गए हैं। सऊदी अरब और UAE ने इस तनाव पर गहरी चिंता और कड़ी आपत्ति जताई है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation पीएम मोदी के लौटते ही ईरान पर हमला: ओवैसी ने उठाई ‘टाइमिंग’ पर उंगली, पूछा- “60 हज़ार भारतीयों की सुरक्षा का क्या?” मध्य पूर्व में भड़की युद्ध की आग: ट्रंप-नेतन्याहू की जोड़ी से ईरान पस्त, दुनिया पर मंडराया भीषण तेल संकट!