तेहरान / ईरान : अमेरिकी आर्थिक पाबंदियों और नौसैनिक घेराबंदी के बीच मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने अपने पड़ोसी खाड़ी देशों को सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि उन्होंने अमेरिकी प्रतिबंधों में वाशिंगटन का साथ दिया, तो ईरान उन्हें अपना दुश्मन मानेगा और उनके ठिकानों पर सैन्य हमला करने से पीछे नहीं हटेगा। ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोहसेन रेजाई ने आक्रामक रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि यदि खाड़ी देशों ने अमेरिकी दबाव में आकर ईरान के खिलाफ कदम उठाए, तो फारस की खाड़ी से तेल का निर्यात पूरी तरह रोक दिया जाएगा। तेहरान ने साफ कर दिया है कि वह अब रक्षात्मक रणनीति छोड़कर आर्थिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर आक्रामक नीति अपनाएगा। ईरान के सामने गहराता आर्थिक संकट ऊर्जा उत्पादन में भारी कमी: अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी और तनाव के चलते ईरान का ऊर्जा उत्पादन 15% से 30% तक गिर चुका है। तेल निर्यात ठप: देश का कच्चा तेल निर्यात घटकर लगभग शून्य के स्तर पर पहुंच गया है, जिससे सरकारी राजस्व को बड़ा झटका लगा है। मुद्रा में भारी गिरावट: ईरानी मुद्रा ‘रियाल’ में 40% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके कारण बाजार में महंगाई, ईंधन संकट और बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है। कूटनीति बनाम आत्मनिर्भरता की जंग एक तरफ जहां राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान तनाव कम करने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत के रास्ते तलाश रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा तंत्र स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देकर देश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और सख्त जवाबी कार्रवाई पर जोर दे रहा है। खाड़ी देशों और UAE द्वारा वित्तीय लेन-देन रोके जाने से दोनों पक्षों के आयातकों और व्यापारिक तंत्र पर भी इसका असर दिख रहा है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation महायुद्ध की आहट! सीज़फायर के बाद भड़के डोनाल्ड ट्रम्प, अमेरिकी सेना ने ईरान के ठिकानों को बमों से उड़ाया; ट्रम्प बोले- “नक्शे से मिटा देंगे”