मुंबई/कोलकाता: कहा जाता है कि दौलत तो बहुत से लोगों के पास होती है, लेकिन उस दौलत का सही इस्तेमाल किसी की डूबती जिंदगी को तिनके का सहारा देना होता है। उद्योगपति मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सच्ची अमीरी बैंक बैलेंस में नहीं, बल्कि दूसरों के दर्द को समझने वाले दिल में होती है। दर्द भरी दास्तान और देवदूत बनकर आना पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद का रहने वाला एक लाचार युवक (इकबाल), जो एक दुर्लभ और असहनीय त्वचा रोग से जूझ रहा था, समाज और हालातों से पूरी तरह बेबस हो चुका था। बीमारी का आलम यह था कि पानी से बाहर आते ही उसका शरीर आग की तरह जलने लगता था, जिसके कारण वह घंटों तालाब के ठंडे पानी में रहने को मजबूर था। जब परिवार और अपनों के पास इलाज का कोई रास्ता नहीं बचा, तब जिंदगी केवल एक दर्द बनकर रह गई थी। जैसे ही इस बेसहारा युवक की खबर अनंत अंबानी तक पहुँची, उन्होंने बिना 1 मिनट की देरी किए इंसानियत का हाथ आगे बढ़ाया। एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुँचाया, उठाया पूरा जिम्मा विशेष मदद: अनंत अंबानी ने तुरंत मरीज को मुंबई लाने के लिए प्राइवेट एयर एम्बुलेंस / चार्टर्ड विमान का इंतजाम किया। बेहतरीन इलाज: मरीज को सीधे मुंबई के प्रतिष्ठित सर एचएन रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। पूरी जिम्मेदारी: इलाज का 100% खर्च और डॉक्टरों की सबसे बेहतरीन टीम की देखरेख का जिम्मा अनंत अंबानी ने खुद उठाया। प्रेरणा: “जब हम किसी का सहारा बनते हैं, तभी जीवन सार्थक होता है” अनंत अंबानी का यह कदम सिर्फ एक आर्थिक मदद नहीं, बल्कि हर उस इंसान के लिए एक बहुत बड़ा सबक और प्रेरणा है जो जीवन में कुछ अच्छा करना चाहता है। “सच्ची सेवा वही है जो बिना किसी दिखावे के किसी की टूटती हुई उम्मीद को नई जिंदगी दे दे। भगवान ने अगर हमें देने लायक बनाया है, तो हमारा पहला कर्तव्य उन लोगों की मदद करना है जिनका इस दुनिया में कोई सहारा नहीं।” यह घटना हमें सिखाती है कि जीवन में कितनी भी चुनौतियाँ क्यों न हों, इंसानियत हमेशा जीतती है। अनंत अंबानी ने एक बेसहारा को अपना बनाकर न केवल उसकी जिंदगी बचाई, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि दया और करुणा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation सुरक्षित भविष्य और टैक्स बचत: सरकारी योजनाओं (NPS, PPF, सुकन्या समृद्धि) में निवेश का सही तरीका जानें डिजिटल इंडिया मॉडल का वैश्विक विस्तार: पुणे में 12वीं BRICS संचार मंत्रियों की बैठक शुरू, AI और 6G पर भारत की अगुवाई