नई दिल्ली: देश में पिछले काफी समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधली और पेपर लीक मामलों को लेकर मचे बवाल के बीच एक बेहद बड़ी खबर सामने आ रही है। लगातार चौतरफा घिरे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। छात्र संगठनों और विशेष रूप से सीजेपी (CJP) द्वारा किए जा रहे उग्र और निरंतर विरोध प्रदर्शनों के बाद इसे एक बहुत बड़ी ऐतिहासिक जीत माना जा रहा है। CJP के प्रदर्शन के आगे झुकी सरकार नीट (NEET) और अन्य परीक्षाओं में आई गड़बड़ियों के बाद से ही देशभर के छात्र और युवा सड़कों पर थे। इस पूरी लड़ाई में CJP (सिटिजंस फॉर जस्टिस एंड पीस) और अन्य छात्र संगठनों ने कड़ा रुख अपना रखा था। देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार धरने, पुतले फूंकने और संसद घेराव जैसे प्रदर्शनों ने सरकार पर भारी दबाव बना दिया था। CJP का स्पष्ट कहना था कि जब तक देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती और शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह आंदोलन थमेगा नहीं। अंततः छात्रों और युवाओं के इस आक्रोश के आगे सरकार को झुकना पड़ा। धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी लगातार बढ़ते दबाव और विपक्ष के हमलों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने खुद ट्वीट (X) कर अपने इस्तीफे की पुष्टि की। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया है। सूत्रों के मुताबिक, परीक्षाओं में हुई चूक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने यह कदम उठाया है। छात्रों में खुशी की लहर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर आते ही प्रदर्शन कर रहे छात्रों और CJP के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इसे युवाओं के संघर्ष और सच्चाई की जीत बताया जा रहा है। हालांकि, छात्र संगठनों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है, असली जीत तब होगी जब पूरी परीक्षा प्रणाली में सुधार होगा और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation 3 साल में 10 भाषण और नया कानून… फिर भी पेपर लीक माफिया के सामने क्यों बेबस है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, माफिया को आखिर सजा कब? क्या होता है FCRA कानून? आसान शब्दों में समझें क्यों विदेशों से आने वाले चंदे पर रहती है सरकार की पैनी नजर