भोपाल: आम आदमी अगर जेब ढीली करके किसी महंगे और बड़े ब्रांड के वीआईपी सैलून में जाता है, तो वह अच्छी सर्विस और असली प्रोडक्ट्स की उम्मीद करता है। लेकिन झीलों की नगरी भोपाल से सामने आए एक मामले ने ग्राहकों के भरोसे की धज्जियां उड़ा दी हैं। भोपाल के चूनाभट्टी और नारायण नगर स्थित मैट्रिक्स सैलून (Matrix Salon) पर ग्राहकों की त्वचा और बालों के साथ खिलवाड़ करने के गंभीर आरोप लगे हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक बड़ी ब्रांडेड बोतल के अंदर दूसरी बोतल से प्रोडक्ट पलटते (रिफिल करते) हुए साफ देखा जा सकता है। पोस्ट शेयर करने वाले यूजर का सीधा आरोप है कि इन दोनों शाखाओं में एक्सपायर्ड (तय समय सीमा पार कर चुके) प्रोडक्ट्स धड़ल्ले से इस्तेमाल किए जा रहे हैं। चकाचौंध भरी लाइटें और बड़े-बड़े ब्रांड बोर्ड देखकर हजारों रुपये लुटाने वाले ग्राहक अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब नामी-गिरामी वीआईपी सैलूनों का यह हाल है, तो आम नागरिक आखिर किस पर यकीन करे? अंदरूनी खींचतान या सोची-समझी लापरवाही? सोशल मीडिया पर लोग इसे कर्मचारियों और सैलून प्रबंधन के बीच चल रहे विवाद से भी जोड़कर देख रहे हैं। वीडियो पर आए कमेंट्स से जाहिर होता है कि बात सैलरी या इंसेंटिव को लेकर उपजे विवाद के बाद बाहर आई है। लेकिन वजह चाहे जो भी हो, इससे यह कड़वा सच जरूर उजागर हो गया है कि बंद दरवाजों के पीछे ग्राहकों की सेहत के साथ किस स्तर पर समझौता किया जा रहा है। प्रशासन और जिम्मेदार विभागों पर सीधे सवाल: ड्रग एवं कॉस्मेटिक विभाग और खाद्य प्रशासन चुप क्यों? शहर के इन बड़े और तथाकथित लग्जरी सैलूनों में औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) क्यों नहीं होता? केमिकल खिलवाड़ पर कार्रवाई कब? एक्सपायर्ड कॉस्मेटिक्स से स्कैल्प इन्फेक्शन, हेयर फॉल और स्किन एलर्जी का गंभीर खतरा होता है। इस जानलेवा लापरवाही पर क्या सिर्फ सोशल मीडिया पर ही बहस होगी या कोई ठोस कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी? रिफिलिंग और री-पैकिंग पर रोक का क्या सिस्टम है? ब्रांडेड बोतलों में सस्ता या एक्सपायर्ड माल भरने के इस खेल पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन के पास क्या नियम हैं? भोपाल के जागरूक नागरिकों की अब यही मांग है कि प्रशासन तुरंत हरकत में आए, शहर के सभी बड़े सैलूनों के स्टॉक, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट की सघन जांच करे और ब्रांड के नाम पर हो रही इस खुली लूट पर ताला लगाए। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation चुनावी लालच में शिवराज ने MP को धकेला ₹6 लाख करोड़ के कर्ज़ के दलदल में, अब उबारना किसी के बस की बात नहीं: दिग्विजय सिंह