भोपाल: मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण और लंबे समय से अटकी भर्तियों के मुद्दे पर सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है। ओबीसी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सदस्य रोहित पटेल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर 27% ओबीसी आरक्षण की बहाली और प्रभावित युवाओं के हक में प्रभावी कदम उठाने की मांग की। बैठक में अभ्यर्थियों के भविष्य और संवैधानिक अधिकारों को लेकर सौहार्दपूर्ण माहौल में विस्तृत और सार्थक चर्चा हुई। बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के सामने प्रमुख रूप से चार मांगें रखीं: 27% आरक्षण की पूर्ण बहाली: प्रदेश की भर्ती प्रक्रियाओं में ओबीसी वर्ग को तय 27% आरक्षण का लाभ तुरंत सुनिश्चित किया जाए। 13% होल्ड पदों पर न्यायसंगत राहत: 87-13% फॉर्मूले के चलते जिन 13% अभ्यर्थियों के परिणाम या नियुक्तियां अधर में लटकी हैं, उन्हें जल्द से जल्द राहत दी जाए। अतिरिक्त पदों का सृजन: विसंगतियों को दूर करने और किसी भी वर्ग के नुकसान की भरपाई के लिए आवश्यकतानुसार नए पदों का सृजन किया जाए। नया अध्यादेश लाने की मांग: कानूनी पेच को स्थायी रूप से हल करने के लिए सरकार नए अध्यादेश के माध्यम से ठोस नीतिगत कदम उठाए। “संघर्ष किसी के खिलाफ नहीं, अधिकार और न्याय के लिए” मुलाकात के बाद जानकारी देते हुए रोहित पटेल ने स्पष्ट किया कि ओबीसी समाज और प्रभावित अभ्यर्थियों को उनका संवैधानिक न्याय दिलाना ही उनका मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने कहा, “यह संघर्ष किसी वर्ग या व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने अधिकार, न्याय और आत्मसम्मान के लिए है। सरकार से अपेक्षा है कि वह युवाओं के भविष्य को देखते हुए ठोस और समयबद्ध समाधान निकाले।” प्रतिनिधिमंडल ने साफ संकेत दिया है कि जब तक इन मांगों पर कोई ठोस और न्यायपूर्ण हल नहीं निकलता, तब तक समाज और अभ्यर्थियों की आवाज पूरी मजबूती से उठती रहेगी और जनआंदोलन की प्रतिबद्धता निरंतर जारी रहेगी। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation आस्था या सिर्फ दिखावा? गरबा पंडालों में मर्यादा, ‘डांडिया नाइट्स’ और फूहड़ता को लेकर सुलगते सवाल कलेक्टर रोहित सिसोनिया ने गढ़ी शासकीय स्कूल का किया औचक निरीक्षण, बच्चों से पूछे सवाल; एसपी भी रहे मौजूद