क्या लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की कुर्सी जा सकती है?

संसद में संग्राम: क्या विपक्ष लाया स्पीकर के खिलाफ ‘अविश्वास प्रस्ताव’, क्या खतरे में है अध्यक्ष की कुर्सी?

क्यों लाया जा सकता है यह प्रस्ताव ? – The Reason

विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर सदन में निष्पक्ष (Unbiased) तरीके से काम नहीं कर रहे हैं। विपक्ष के मुख्य आरोप ये हैं:

1. विपक्षी सांसदों के माइक बार-बार बंद कर दिए जाते हैं।

2. महत्वपूर्ण बिलों (जैसे ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ या ‘ट्रेड डील’) पर विपक्ष को बोलने का पर्याप्त समय नहीं दिया जा रहा।

3. विपक्षी सांसदों को बिना ठोस वजह के सस्पेंड (निलंबित) किया जा रहा है।

नियम क्या कहते हैं? – The Rules

स्पीकर को हटाने के लिए सिर्फ हंगामा काफी नहीं है, इसके लिए एक सख्त प्रक्रिया है:

• 14 दिन का नोटिस: विपक्ष को प्रस्ताव लाने से 14 दिन पहले लिखित नोटिस देना होता है।

• 50 सांसदों का समर्थन: इस प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी हैं।

• वोटिंग: 14 दिन बाद इस पर चर्चा और वोटिंग होगी। स्पीकर को हटाने के लिए ‘प्रभावी बहुमत’ (Effective Majority) की जरूरत होती है (यानी सदन की कुल सीटों में से खाली सीटों को हटाकर आधे से ज्यादा वोट)।

क्या स्पीकर हटेंगे?

फिलहाल सरकार (NDA) के पास लोकसभा में पूर्ण बहुमत है। इसलिए आंकड़ों के हिसाब से स्पीकर को हटाना विपक्ष के लिए लगभग नामुमकिन है। लेकिन विपक्ष का मकसद इस प्रस्ताव के जरिए सरकार पर “नैतिक दबाव” (Moral Pressure) बनाना और यह संदेश देना है कि सदन सही से नहीं चल रहा है।

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