नई दिल्ली/मुंबई:

भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी (Nirav Modi) से जुड़े करोड़ों रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आया है। मुंबई की एक विशेष सीबीआई (CBI) अदालत ने इस मामले से जुड़े ₹321.88 करोड़ के एक केस में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत लगाए गए आरोपों को हटा दिया है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने खुद अदालत को सूचित किया कि गहन जांच के बाद भी उन्हें बैंक अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।

क्यों हटी भ्रष्टाचार की धाराएं?

सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश जे. पी. दारेकर के सामने मामले की सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया कि पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों या किसी अन्य लोक सेवक (Public Servant) के खिलाफ रिश्वतखोरी या पद के दुरुपयोग के आपत्तिजनक सबूत नहीं मिले हैं।

चूंकि भ्रष्टाचार कानून केवल सरकारी कर्मचारियों पर लागू होता है और उनके खिलाफ सबूत नहीं हैं, इसलिए अदालत ने इस मामले से भ्रष्टाचार की धाराएं हटाने का आदेश दिया।

तो क्या नीरव मोदी बच निकले?

सोशल मीडिया और आम जनता के बीच इस खबर के बाद यह सवाल उठ रहा है कि “क्या सबूत न होने से नीरव मोदी अब आरोपी नहीं रहे?” तो इसका जवाब है— नहीं, ऐसा बिल्कुल नहीं है।

कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, नीरव मोदी को क्लीन चिट नहीं मिली है। मामला केवल एक तकनीकी बदलाव से गुजरा है:

 भ्रष्टाचार हटा, धोखाधड़ी बरकरार: नीरव मोदी और उनकी कंपनियों के निदेशकों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत धोखाधड़ी (Cheating), जालसाजी (Forgery) और आपराधिक साजिश रचने के गंभीर आरोप अभी भी लागू हैं।

 मजिस्ट्रेट कोर्ट ट्रांसफर हुआ केस: भ्रष्टाचार की धाराएं हटने के कारण अब यह मामला विशेष सीबीआई अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर हो गया है। इसलिए कोर्ट ने इस केस को आगे की सुनवाई के लिए एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (Esplanade Court) को ट्रांसफर कर दिया है।

मुख्य पीएनबी घोटाले पर क्या होगा असर?

यह फैसला नीरव मोदी से जुड़े ₹321.88 करोड़ के एक विशिष्ट मामले (Case) से संबंधित है। नीरव मोदी पर पीएनबी को कुल ₹13,000 करोड़ से अधिक का चूना लगाने का मुख्य आरोप है, जिसकी जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) बड़े पैमाने पर कर रहे हैं। उस मुख्य घोटाले और ब्रिटेन (UK) से नीरव मोदी के प्रत्यर्पण (Extradition) की कोशिशों पर इस फैसले का कोई सीधा नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।

फिलहाल, नीरव मोदी लंदन की इवर्टन जेल में बंद हैं और भारतीय एजेंसियां उन्हें भारत लाने की कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। इस नए फैसले के बाद अब मुंबई की मजिस्ट्रेट अदालत में उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा चलाया जाएगा।

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