भोपाल।

राजधानी भोपाल के संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) में निर्माणाधीन एलिवेटेड ब्रिज के काम में सुस्ती और सुरक्षा व्यवस्था में खामियों को लेकर प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को स्थानीय विधायक रामेश्वर शर्मा के साथ निरीक्षण पर पहुंचे मंत्री ने निर्माण एजेंसी की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई और अनुबंध की शर्तों के तहत एजेंसी पर 20 लाख रुपये की पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी कि संपूर्ण ब्रिज का निर्माण कार्य मार्च 2027 तक हर हाल में पूरा होना चाहिए।

3 दिन में व्यवस्थाएं सुधारने का अल्टीमेटम, अस्पताल मार्ग पर विशेष फोकस

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने पूरे निर्माणाधीन मार्ग का पैदल भ्रमण कर कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा उपायों और सर्विस रोड का जायजा लिया।

 अस्पताल के पास निर्बाध आवागमन: सिविल अस्पताल के आसपास फैली अव्यवस्थाओं को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए, ताकि मरीजों और एम्बुलेंस के आवागमन में कोई बाधा न आए।

 सर्विस रोड की मरम्मत: मुख्य ब्रिज बनने तक सर्विस रोड को सुगम और सुरक्षित रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया।

 अनावश्यक बैरियर हटेंगे: केवल वास्तविक निर्माण स्थल पर ही सेफ्टी बैरियर लगाने और बाकी स्थानों से अनावश्यक बैरियर व मलबा तुरंत हटाने के आदेश दिए गए, जिससे स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों को जाम से राहत मिले।

 लाइटिंग व्यवस्था: ब्रिज के नीचे बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तत्काल चालू कर समुचित रोशनी सुनिश्चित करने को कहा गया।

माइक्रो प्लानिंग और साप्ताहिक समीक्षा

परियोजना को तय समय-सीमा में पूरा कराने के लिए मंत्री ने विशेष निगरानी तंत्र तय किया है:

 पर्ट (PERT) चार्ट आधारित प्लानिंग: समय पर काम पूरा करने के लिए साप्ताहिक माइक्रो प्लानिंग तैयार की जाएगी।

 साप्ताहिक समीक्षा: लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता स्वयं हर सप्ताह निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करेंगे।

 पाक्षिक रिपोर्ट: कार्य की गुणवत्ता, भौतिक प्रगति और समयबद्धता की विस्तृत रिपोर्ट प्रत्येक 15 दिन में सीधे मंत्री को भेजी जाएगी।

ब्रिज पर होगा रेन वाटर हार्वेस्टिंग

पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को ध्यान में रखते हुए मंत्री राकेश सिंह ने एलिवेटेड कॉरिडोर पर अभी से वर्षा जल संचयन (Rain Water Harvesting) की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधोसंरचना निर्माण का वास्तविक उद्देश्य तभी सिद्ध होगा, जब काम पूरी गुणवत्ता के साथ तय समय में पूरा हो और आम जनता को सुरक्षित व सुविधाजनक आवागमन मिले।

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