​ग्वालियर।

जिले में मिलावटी और अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। ग्वालियर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता जांचने का विशेष सघन अभियान शुरू किया है।

​इस अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की दो अलग-अलग विशेष टीमों ने शहर की प्रमुख डेयरियों पर आकस्मिक निरीक्षण किया। मौके पर ‘रैपिड मिल्क टेस्ट किट’ से दूध की तुरंत जांच की गई। प्रारंभिक जांच में यूरिया, नमक, सुक्रोज और माल्टोडेक्सट्रिन जैसी रासायनिक मिलावट तो नहीं मिली, लेकिन फैट और एसएनएफ (SNF) के मानकों में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए विस्तृत लैब जांच के लिए नमूने जुटाए गए।

​इन प्रमुख डेयरियों से लिए गए नमूने:

  • ​शर्मा डेयरी (शिन्दे की छावनी, जनकगंज): खाद्य सुरक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश शर्मा द्वारा दूध और दही के नमूने लिए गए।
  • ​जय गिर्राज डेयरी (सागरताल चौराहा): अधिकारी निरूपमा शर्मा द्वारा पनीर और घी के सैंपल लिए गए।
  • ​श्री श्याम डेयरी (सागरताल रोड): अधिकारी लोकेंद्र सिंह द्वारा दूध का नमूना लिया गया।
  • ​आनंद डेयरी व महादेव फूड्स (थाटीपुर): अधिकारी सतीश धाकड़ द्वारा दोनों दुकानों से दूध के नमूने लिए गए।
  • ​न्यू सपना डेयरी (गदाईपुरा) व श्रीराम डेयरी (सुरेश नगर): अधिकारी सतीश कुमार शर्मा द्वारा दूध एवं दही के नमूने लिए गए।
  • ​कृष्णा डेयरी (गदाईपुरा): अधिकारी गिरीश राजौरिया द्वारा दूध का सैंपल लिया गया।
  • ​न्यू भाटिया डेयरी (थाटीपुर): अधिकारी गोविंद नारायण सरगैयां द्वारा दूध का नमूना लिया गया।

​भोपाल लैब भेजे जा रहे हैं नमूने

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए सभी 8 डेयरियों के नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आते ही नियमों का उल्लंघन करने वाले डेयरी संचालकों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के इस सख्त रुख से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!