नीमच/ शाजापुर/ भोपाल: मध्य प्रदेश को ग्रीन एनर्जी का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में सोमवार को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी की गरिमामयी उपस्थिति में नीमच और शाजापुर जिलों के लिए कुल ₹3,634 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों, सोलर पार्कों और औद्योगिक परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने देश की सबसे सस्ती सौर बिजली देने वाले प्रोजेक्ट का लोकार्पण करने के साथ ही मालवा अंचल को राज्य का नया ‘इंडस्ट्रियल ग्रोथ इंजन’ घोषित किया। 1. सौर ऊर्जा में रचा इतिहास: ₹2,080 करोड़ के सोलर पार्कों का लोकार्पण कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने 950 मेगावाट (MW) की कुल क्षमता वाले दो विशाल सोलर पार्कों का लोकार्पण किया। इस पर लगभग ₹2,080 करोड़ की लागत आई है। नीमच सोलर पार्क (500 MW): यह प्रोजेक्ट देश के सौर ऊर्जा इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। इस पार्क से ₹2.14 प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी, जो देश के सबसे कम टैरिफ (Vanilla Solar Tariff) में से एक है। शाजापुर सोलर पार्क (450 MW): इस पार्क से उत्पादित होने वाली बिजली भी बेहद किफायती दरों पर ग्रिड को सप्लाई की जाएगी। CM का बड़ा बयान: “नीमच अब सिर्फ मध्य प्रदेश का एक जिला नहीं, बल्कि ग्रीन पावर सेक्टर की वैश्विक राजधानी (Global Capital) बनने की राह पर है। यहाँ देश का सबसे बड़ा पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट भी आकार ले रहा है।” 2. औद्योगिक क्रांति: ₹1,554 करोड़ के 38 प्रोजेक्ट्स की शुरुआत क्षेत्र में केवल बिजली ही नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए बड़े कदम उठाए गए। मुख्यमंत्री ने ₹1,554 करोड़ के प्रस्तावित निवेश वाले 38 औद्योगिक प्रोजेक्ट्स का भूमिपूजन और उद्घाटन किया। रोजगार के नए अवसर: इन उद्योगों के शुरू होने से मालवा क्षेत्र के 3,200 से अधिक युवाओं को सीधा और हजारों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। 162 विकास कार्य: औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ नीमच जिले के बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने के लिए 162 छोटे-बड़े विकास कार्यों की आधारशिला रखी गई और कुछ का लोकार्पण किया गया। 3. पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) पर हस्ताक्षर इस भव्य कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश के पहले 440 मेगावाट क्षमता वाले ‘मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज प्रोजेक्ट’ के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) पर भी हस्ताक्षर किए गए। यह प्रोजेक्ट राज्य में 24 घंटे निर्बाध सौर ऊर्जा की सप्लाय सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 4. ‘ग्रोथ इंजन’ बनेगा मालवा-निमाड़ अंचल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य केवल कृषि में ही नहीं, बल्कि उद्योगों में भी मध्य प्रदेश को नंबर वन बनाना है। उन्होंने रोडमैप साझा करते हुए कहा, “नीमच, मंदसौर, रतलाम और उज्जैन का यह पूरा बेल्ट उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश के नए ‘औद्योगिक ग्रोथ इंजन’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।” दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के नजदीक होने के कारण इस पूरे कॉरिडोर को लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने भी मध्य प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के ‘नेट-जीरो’ (Net-Zero) कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को पूरा करने में मध्य प्रदेश सबसे आगे चल रहा है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation MP School Education Transfer: सोशल मीडिया पर वायरल हुई जुलाई की नई समय-सारणी, जानें क्या है इस ‘वायरल लेटर’ का पूरा सच? रायसेन जिले के किसानों के लिए बड़ी खबर: ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी के लिए 13 उपार्जन केंद्र तय