रायसेन/भोपाल:

रायसेन जिले के सांची विकासखंड के तहत आने वाली ग्राम पंचायत गीदगढ़ के किसान अपनी जमीन के मालिकाना हक के लिए सालों से परेशान हैं। इसी समस्या को लेकर रविवार को सरपंच लीला किशन अहिरवार के नेतृत्व में गांव के लगभग 60 किसान भोपाल पहुंचे और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से उनके निवास पर मुलाकात की। किसानों ने क्षेत्रीय विधायक प्रभुराम चौधरी के माध्यम से कृषि मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा और अपनी परेशानी बताई।

दशकों पुराना है मामला

किसानों ने जानकारी देते हुए बताया कि पटवारी हल्का नंबर 10 की लगभग 722 एकड़ जमीन साल 1963 में वन विभाग से राजस्व विभाग को ट्रांसफर कर दी गई थी। लेकिन इतने साल बीत जाने के बाद भी आज तक इस जमीन का सही राजस्व रिकॉर्ड तैयार नहीं किया गया है।

70 से 80 सालों से कर रहे हैं खेती

ग्रामीणों का कहना है कि करीब 200 किसान परिवार पिछले 70 से 80 सालों से इस जमीन पर खेती कर रहे हैं। किसानों ने आपस में जमीन का बंटवारा भी कर लिया है, लेकिन आधिकारिक तौर पर उन्हें आज तक मालिकाना हक नहीं मिल पाया है।

सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित

राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में नाम दर्ज न होने के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनकी ऋण पुस्तिका (लोन बुक) जारी नहीं हो पा रही है। मालिकाना हक स्पष्ट न होने की वजह से बैंक किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) भी नहीं बना रहे हैं, जिससे उन्हें खेती के लिए लोन लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

अब किसानों को उम्मीद है कि केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात के बाद उनकी इस पुरानी समस्या का कोई ठोस समाधान निकलेगा और उन्हें उनकी जमीन का कानूनी अधिकार मिल सकेगा।

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