अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग अब एक बेहद खतरनाक और निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब पूरी तरह से ‘आर-पार’ के मूड में नजर आ रहे हैं। 19 दिनों से चल रहे इस युद्ध में अमेरिका ने ईरान के खार्ग द्वीप पर अब तक का सबसे बड़ा और विनाशकारी हमला किया है। वहीं दूसरी तरफ, ईरान द्वारा UAE और अन्य खाड़ी देशों के गैस प्लांट्स पर किए गए हमले की पूरी दुनिया में कड़ी निंदा हो रही है।

• UAE पर हमले की ग्लोबल निंदा:

इजरायल और अमेरिका से मिल रही चोट के बाद बौखलाए ईरान ने कतर, बहरीन और UAE के गैस और एनर्जी प्लांट्स पर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। ईरान की इस हरकत की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना हो रही है। दुनिया भर के नेताओं का कहना है कि हार के डर से ईरान अब ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को निशाना बना रहा है, जो दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है।

खार्ग द्वीप पर बरसी आग:

अमेरिकी सेना ने ईरान के सबसे अहम खार्ग द्वीप पर भीषण बमबारी की है। इस महा-हमले में ईरान के 90 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को पूरी तरह से मिट्टी में मिला दिया गया है।

• ट्रंप की युद्ध के लिए नई तैयारी:

ट्रंप के सख्त रवैये के बीच, अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने युद्ध को और तेज करने के लिए व्हाइट हाउस से 200 बिलियन डॉलर के अतिरिक्त फंड की मांग कर दी है। यह साफ इशारा है कि अमेरिका किसी बड़े और लंबे युद्ध की तैयारी में है।

• मौत का बढ़ता आंकड़ा:

इस खौफनाक जंग में अब तक ईरान में 1300 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, अमेरिका के भी 13 सैनिक मारे गए हैं और लगभग 200 घायल हैं। लेबनान और इजरायल में भी मौतों का सिलसिला जारी है।

जिस तरह से ट्रंप प्रशासन ने हमले तेज किए हैं और ईरान ने खाड़ी देशों के गैस टर्मिनल्स को निशाना बनाया है, उससे पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छूने का खतरा मंडराने लगा है। दुनिया भर के देश ईरान के इस कदम से नाराज हैं। अगर यह युद्ध जल्द नहीं रुका, तो मध्य पूर्व का यह संकट तीसरे विश्व युद्ध की चिंगारी भी बन सकता है।

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