आज 21 मार्च 2026 की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। ईरान ने हिंद महासागर में मौजूद अमेरिका और ब्रिटेन के सबसे सुरक्षित मिलिट्री बेस ‘डिएगो गार्सिया’ पर मिसाइलों से हमला कर दिया है। इस हमले ने न सिर्फ अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। आइए जानते हैं इस हमले की पूरी इनसाइड स्टोरी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने ‘डिएगो गार्सिया’ बेस को निशाना बनाते हुए 2 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। गनीमत यह रही कि बेस पर कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, 1 मिसाइल रास्ते में ही फेल हो गई, जबकि दूसरी मिसाइल को अमेरिकी युद्धपोत ने हवा में ही रोक दिया।

यह हमला दुनिया के लिए खतरे की घंटी क्यों है?

इस हमले में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात ईरान की मिसाइलों की रेंज है।

• ईरान से डिएगो गार्सिया की दूरी लगभग 4000 किलोमीटर है।

• कुछ ही समय पहले ईरान ने दावा किया था कि उसकी मिसाइलें सिर्फ 2000 किलोमीटर तक ही जा सकती हैं।

• लेकिन इस हमले ने साबित कर दिया है कि ईरान के पास अब ऐसी मिसाइलें हैं जो अपनी पुरानी लिमिट से दोगुनी दूरी तक मार कर सकती हैं। यह पहली बार है जब ईरान ने मिडिल ईस्ट से इतनी दूर किसी टारगेट को निशाना बनाया है।

डिएगो गार्सिया क्यों है खास?

डिएगो गार्सिया हिंद महासागर के बीच में बना एक बहुत ही अहम और सुरक्षित द्वीप है। अमेरिका यहाँ से अपने बड़े बॉम्बर विमान, न्यूक्लियर पनडुब्बियां और युद्धपोत चलाता है। अमेरिका के इतने अहम ठिकाने पर निशाना साधना एक बहुत बड़ी बात मानी जा रही है।

अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका इस हमले का क्या जवाब देता है। क्या इससे तीसरे विश्व युद्ध का खतरा और बढ़ गया है?

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