पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का मंच पूरी तरह से सज चुका है। 15 मार्च 2026 को चुनाव आयोग की घोषणा के बाद पूरे राज्य में चुनावी माहौल गरमा गया है। इस बार सबसे खास बात यह है कि राज्य की 294 सीटों पर चुनाव 8 चरणों की जगह सिर्फ 2 चरणों में पूरे करा लिए जाएंगे। अहम तारीखें (एक नजर में) • पहला चरण: 23 अप्रैल 2026 (152 सीटों पर) • दूसरा चरण: 29 अप्रैल 2026 (142 सीटों पर) • चुनाव के नतीजे: 4 मई 2026 मैदान में मुख्य पार्टियां होंगी आमने सामने: बंगाल के इस राजनीतिक महासंग्राम में मुख्य रूप से 3 बड़े गुट आमने-सामने हैं: 1. तृणमूल कांग्रेस (TMC): मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी पिछले 15 सालों से सत्ता में है। पार्टी मुख्य रूप से अपनी महिला सशक्तिकरण और गरीब कल्याण की योजनाओं (जैसे लक्ष्मीर भंडार) के दम पर लगातार चौथी बार सरकार बनाने की कोशिश कर रही है। उनका फोकस राज्य सरकार के अब तक के विकास कार्यों पर है। 2. भारतीय जनता पार्टी (BJP): बंगाल में मुख्य विपक्षी दल के रूप में बीजेपी अपनी पूरी ताकत झोंक रही है। पार्टी के बड़े नेता लगातार रैलियां कर रहे हैं। बीजेपी का मुख्य फोकस राज्य सरकार पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों, महिलाओं की सुरक्षा और राज्य की कानून व्यवस्था को सुधारने जैसे बड़े मुद्दों पर है। 3. वामदल और कांग्रेस गठबंधन (Left-Congress Alliance): कभी दशकों तक बंगाल पर राज करने वाले वामपंथी दल (Left) और कांग्रेस एक बार फिर अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए साथ मिलकर मैदान में हैं। ये दोनों पार्टियां रोजगार, महंगाई और उद्योगों के विकास जैसे बुनियादी मुद्दे उठाकर जनता को अपने पक्ष में करने की कोशिश में हैं। इस बार किसके सिर सजेगा बंगाल का ताज? बंगाल में इस बार किसका राज होगा, यह सवाल सबसे बड़ा है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार इस बार की टक्कर बहुत कांटे की है। तृणमूल कांग्रेस अपनी सत्ता बरकरार रखने का पूरा दावा कर रही है, तो वहीं बीजेपी ‘परिवर्तन’ का नारा देकर सत्ता पर काबिज होने की उम्मीद लगा रही है। वाम-कांग्रेस गठबंधन भी कई सीटों पर समीकरण बदल सकता है। चूंकि चुनाव में हर वोटर की अपनी पसंद होती है, इसलिए अभी से यह पक्के तौर पर बताना मुमकिन नहीं है कि जीत किसकी होगी। बंगाल की जनता अपना फैसला 23 और 29 अप्रैल को ईवीएम (EVM) में कैद कर देगी। असली ताज किसके सिर सजेगा, इसका साफ और अंतिम फैसला 4 मई 2026 को वोटों की गिनती के बाद ही पता चलेगा। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation सत्ता, सियासत और परिवार: दशकों से क्या नहीं बदला बिहार में, और अब जनता को कैसा नेता चाहिए? लोकसभा में बड़ा समझौता: 8 निलंबित सांसदों की कल होगी वापसी, सर्वदलीय बैठक में सुलझा विवाद