अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बयानों से सनसनी फैलाने के लिए जाने जाते हैं। वाशिंगटन डी.सी. में नवगठित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) की पहली बैठक में ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान को लेकर एक ऐसा दावा कर दिया है, जिसने कूटनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ की मौजूदगी में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों के बीच युद्ध रुकवाकर 2.5 करोड़ लोगों की जान बचाई है।

ट्रंप के दावों की 4 बड़ी बातें:

• 11 फाइटर जेट्स गिराने का दावा:

ट्रंप ने कहा कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हालात इतने खराब थे कि 11 महंगे फाइटर जेट्स मार गिराए गए थे। (हालांकि ट्रंप अपने बयानों में यह आंकड़ा लगातार बदलते रहे हैं)।

• 200% टैरिफ की सीधी धमकी:

ट्रंप ने बताया कि उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और शहबाज़ शरीफ को फोन करके चेतावनी दी थी कि अगर वे लड़ना बंद नहीं करेंगे, तो अमेरिका उन पर 200% टैरिफ लगा देगा और कोई व्यापार नहीं करेगा।

• पैसे के डर का तंज:

ट्रंप ने चुटकी लेते हुए कहा, “दोनों देश लड़ना चाहते थे, लेकिन जब बहुत सारा पैसा डूबने की बात आई, तो वे पीछे हट गए।”

• पीएम मोदी की तारीफ:

इन कड़े दावों के बीच ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक “महान व्यक्ति” (Great Man) बताया और कहा कि वे इस बैठक को लाइव देख रहे हैं।

भारत ने दावों को किया सिरे से खारिज

भारत सरकार ने ट्रंप के इस ‘शांतिदूत’ बनने के दावे को पूरी तरह से नकार दिया है। भारत ने स्पष्ट किया है कि भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों (DGMOs) की आपसी बातचीत का नतीजा था। इसमें अमेरिका या किसी भी तीसरे देश की कोई मध्यस्थता नहीं थी। 11 फाइटर जेट्स गिराने वाले दावे को भी भारत ने पूरी तरह भ्रामक बताया है।

निष्कर्ष:

ऐसा लगता है कि डोनाल्ड ट्रंप अपनी छवि एक वैश्विक ‘पीसमेकर’ के रूप में गढ़ने के लिए इस तरह के आक्रामक दावे कर रहे हैं। लेकिन भारत ने अपनी मजबूत विदेश नीति के चलते यह साफ कर दिया है कि वह अपने द्विपक्षीय मामलों में किसी बाहरी दखल को स्वीकार नहीं करेगा।

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