भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र इस समय काफी हंगामेदार साबित हो रहा है। गुरुवार (19 फरवरी) को सदन के भीतर एक ऐसा वाकया देखने को मिला जिसने राजनीतिक गलियारों का तापमान बढ़ा दिया। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बहस इतनी बढ़ गई कि विजयवर्गीय ने सिंघार को अपनी ‘औकात’ में रहने की नसीहत दे डाली, जिसके बाद सदन में भारी बवाल मच गया। स्थिति को संभालते हुए अंततः मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पूरे मामले पर माफ़ी मांगनी पड़ी। अडानी पावर एग्रीमेंट पर शुरू हुई बहस सदन में यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार को अडानी समूह के साथ हुए बिजली खरीद समझौते (Power Purchase Agreement) पर घेरना शुरू किया। इसके साथ ही विपक्ष इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के संवेदनशील मुद्दे पर भी सरकार से तीखे सवाल पूछ रहा था। सिंघार लगातार सरकार की कार्यप्रणाली और वित्तीय मामलों पर सवाल खड़े कर रहे थे, जिससे सदन का माहौल पहले से ही गर्म था। मंत्री ने खोया आपा, कह दी ‘औकात’ की बात विपक्ष के लगातार हमलों और सिंघार की बयानबाजी के बीच संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपना आपा खो बैठे। उन्होंने गुस्से में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की ओर इशारा करते हुए कह दिया- “अपनी औकात में रहिए”। विधानसभा जैसे गरिमामयी सदन में इस असंसदीय शब्द के इस्तेमाल ने आग में घी का काम किया। कांग्रेस का हंगामा और सीएम डॉ. मोहन यादव की माफ़ी मंत्री की इस टिप्पणी के तुरंत बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन में ज़बरदस्त हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष ने इस टिप्पणी को अपमानजनक बताते हुए कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की। हंगामे और शोरगुल के कारण सदन की कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा। स्थिति को बेकाबू होता देख मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को खुद मोर्चा संभालना पड़ा। उन्होंने बड़प्पन दिखाते हुए सदन में इस घटना के लिए माफ़ी मांगी। इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर गहरा खेद व्यक्त किया। विजयवर्गीय का खेद और सिंघार का पलटवार मामला शांत होने के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने भी अपने व्यवहार पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि उनका 37 साल का लंबा राजनीतिक करियर रहा है और उन्हें खुद समझ नहीं आ रहा कि उनसे यह कैसे हो गया। वहीं दूसरी ओर, उमंग सिंघार ने इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर भी उठाया। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पलटवार करते हुए लिखा कि उनकी ‘औकात’ मध्य प्रदेश की 7.5 करोड़ जनता के हक़ के लिए सवाल पूछना है और वे आगे भी ऐसा करते रहेंगे। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि इस बार का बजट सत्र सत्ता पक्ष के लिए आसान नहीं होने वाला है, और विपक्ष हर मोर्चे पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation डोनाल्ड ट्रंप का महा-दावा: “मैंने रुकवाया भारत-पाक युद्ध, 200% टैरिफ की धमकी से डरे दोनों देश”, जानिए पूरी सच्चाई जबलपुर के सिहोरा में आरती और नमाज के दौरान विवाद, मंदिर की ग्रिल टूटने पर पथराव; भारी पुलिस बल तैनात