भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र गुरुवार को भारी हंगामे और तीखी नोकझोंक की भेंट चढ़ गया। इंदौर के भगीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों का मुद्दा सदन में पूरी तरह से गरमाया रहा। स्थिति तब और बेकाबू हो गई जब एक तीखी बहस के दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को ‘औकात में रहने’ की नसीहत दे डाली। इस टिप्पणी के बाद सदन में ऐसा बवाल मचा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को खुद आगे आकर माफी मांगनी पड़ी। ‘जल त्रासदी’ पर सरकार ने मानी 22 मौतें प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंदौर जल त्रासदी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि गंदा पानी पीने से 35 लोगों की जान गई है, जिसे उन्होंने “सिस्टम द्वारा की गई हत्या” करार दिया। विपक्ष ने इस घोर लापरवाही के लिए नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और स्वास्थ्य मंत्री (डिप्टी सीएम) राजेंद्र शुक्ल के तत्काल इस्तीफे की मांग की। हंगामे के बीच स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सदन में आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया कि 21 दिसंबर 2025 से लेकर अब तक ‘एक्यूट डायरिया’ (दूषित जल के कारण) से 22 लोगों की मौत हुई है और 459 लोग अस्पताल में भर्ती हुए हैं। सरकार ने बताया कि मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है, लेकिन कांग्रेस इसे नाकाफी बताते हुए 4 लाख रुपये मुआवजे की मांग पर अड़ी रही। मंत्री के ‘औकात’ वाले बयान से भड़का विपक्ष जल त्रासदी और अन्य मुद्दों (अडानी बिजली खरीद समझौते) पर बहस के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा था। सिंघार ने जब सरकार से प्रमाण मांगे, तो बहस ‘तू-तू-मैं-मैं’ में बदल गई। इसी बीच मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने उमंग सिंघार को लेकर “अपनी औकात में रहो” जैसी सख्त टिप्पणी कर दी। इस बयान ने आग में घी का काम किया। कांग्रेस विधायक अपनी सीटों से उठकर गर्भगृह (Well) में आ गए और जोरदार नारेबाजी करने लगे। सीएम ने संभाला मोर्चा, स्पीकर ने जताया दुख सदन की मर्यादा को गिरते देख विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने गहरी नाराजगी और दुख व्यक्त किया। हंगामा थमता न देख मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्थिति को संभाला और सदन में अपने मंत्री के बयान पर खेद जताते हुए कहा, “जाने-अनजाने में कोई शब्द निकले हों तो मैं सदन से माफी मांगता हूं।” मुख्यमंत्री की माफी के बावजूद विपक्षी सदस्य शांत नहीं हुए और वे इस्तीफे की मांग को लेकर अड़े रहे। लगातार हो रहे हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation MP Budget 2026-27: मोहन सरकार ने खोला 4.38 लाख करोड़ का खजाना; लाड़ली बहनों और किसानों पर धनवर्षा, कोई नया टैक्स नहीं ! मध्य प्रदेश विधानसभा में भारी बवाल: ‘अपनी औकात में रहिए…’ कहने पर भिड़े विजयवर्गीय और सिंघार, सीएम ने मांगी माफ़ी