झाबुआ।

त्योहारों और आम दिनों में आपकी सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर पूरे प्रदेश में नकली और भ्रामक नाम से बेचे जा रहे दूध उत्पादों के खिलाफ महा-अभियान जारी है। इसी कड़ी में झाबुआ जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कल्याणपुरा में बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात से विक्रय के लिए लाया गया 147 किलोग्राम प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ जब्त किया है।

3 घंटे तक चला सघन सर्चिंग ऑपरेशन

शुक्रवार, 21 अगस्त को पुख्ता सूचना मिलते ही खाद्य सुरक्षा टीम हरकत में आई। कल्याणपुरा क्षेत्र में गुजरात से पहुंचे एक संदिग्ध वाहन को घेरकर लगातार 3 घंटे तक गहन तलाशी ली गई। जांच में वाहन के अंदर भारी मात्रा में प्रतिबंधित श्रेणी का खाद्य पदार्थ पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 42,000 रुपये आंकी गई है। टीम ने पूरा माल तुरंत जब्त कर अपनी अभिरक्षा में ले लिया।

जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: 13 में से 5 सैंपल फेल

जिले में मिलावटखोरी का जाल किस कदर फैला है, इसका अंदाजा हालिया जांच रिपोर्टों से लगाया जा सकता है:

  • कुल 71 नमूने भेजे गए लैब: 21 जुलाई से लगातार चल रही जांच के दौरान जिलेभर के डेयरी और खाद्य प्रतिष्ठानों से 71 सैंपल भोपाल स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए।
  • 5 नमूने निकले अमानक/मिथ्याछाप: अब तक आई 13 जांच रिपोर्टों में से 5 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे और भ्रामक/सब-स्टैंडर्ड पाए गए। इन सभी मामलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

कार्रवाई में शामिल अधिकारी

इस पूरी छापामार कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री राहुल सिंह अलावा और श्री वेलसिंह मोरी की टीम ने अंजाम दिया।

जनता के लिए सतर्कता संदेश (सावधान रहें, सुरक्षित खाएं):

  • सस्ते के फेर में न पड़ें: बाजार में दूध, पनीर, मावा या घी के नाम से बहुत कम दाम में बिकने वाले उत्पादों से बचें।
  • पैकेट और लेबल की जांच करें: उत्पाद पर FSSAI लाइसेंस नंबर, निर्माण तिथि और सामग्री की जानकारी ध्यान से पढ़ें। भ्रामक नामों से मिलते-जुलते दिखने वाले पैकेटों से सावधान रहें।
  • संदेह होने पर तुरंत सूचना दें: यदि किसी भी दुकान, डेयरी या वाहन पर अमानक या मिलावटी सामान बिकने का संदेह हो, तो तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचित करें।

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