तारीख: 9 मार्च 2026 आज से संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू हुआ है, लेकिन पहले ही दिन लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला है। विपक्ष के कड़े विरोध और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही को पहले दोपहर 12 बजे और फिर 3 बजे तक के लिए रोक (adjourn) दिया गया। आज के इस हंगामे के पीछे मुख्य रूप से 2 बड़े कारण हैं: 1. पश्चिम एशिया (इजरायल-ईरान) युद्ध पर विपक्ष की मांग • आज सुबह विदेश मंत्री एस. जयशंकर पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और युद्ध पर सरकार की तरफ से सदन में बयान दे रहे थे। • इसी दौरान विपक्षी सांसद वेल (सदन के बीचों-बीच) में आ गए और नारेबाजी करने लगे। • विपक्ष की यह मांग है कि इस गंभीर मुद्दे पर केवल एकतरफा बयान नहीं दिया जाए, बल्कि पूरे सदन में इस पर विस्तार से चर्चा (debate) होनी चाहिए। 2. स्पीकर ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव (No-Confidence Motion) • आज का सबसे ऐतिहासिक और बड़ा मुद्दा लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष का ‘अविश्वास प्रस्ताव’ है। साल 1987 के बाद यह पहली बार है जब किसी स्पीकर को हटाने के लिए इस तरह का प्रस्ताव लाया गया है। • इस प्रस्ताव पर 118 विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षर हैं और इसे 3 कांग्रेस सांसदों (मोहम्मद जावेद, के. सुरेश और मल्लू रवि) ने पेश किया है। टीएमसी (TMC) ने भी इस प्रस्ताव को अपना समर्थन दिया है। • विपक्ष के आरोप: विपक्ष का कहना है कि स्पीकर ओम बिरला का व्यवहार पक्षपाती (biased) है। उन पर आरोप है कि वे विपक्षी नेताओं (जैसे राहुल गांधी) का माइक बंद कर देते हैं, उन्हें बोलने का मौका नहीं देते और सिर्फ सत्ता पक्ष (सरकार) का बचाव करते हैं। • नैतिक आधार पर छोड़ी कुर्सी: नियम के अनुसार, जब तक इस प्रस्ताव पर चर्चा और फैसला नहीं हो जाता, ओम बिरला स्पीकर की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे। उनकी जगह किसी अन्य वरिष्ठ सांसद (पैनल चेयरमैन) को कार्यवाही चलाने की जिम्मेदारी दी गई है। आगे क्या होगा? (नंबर गेम) • सदन में इस प्रस्ताव पर बहस शुरू करने के लिए कम से कम 50 सांसदों को अपनी जगह पर खड़े होकर इसका समर्थन करना होगा। • हालाँकि, गणित सरकार (NDA) के पक्ष में है। उनके पास स्पष्ट बहुमत (लगभग 293 से ज्यादा सांसद) है, इसलिए इस प्रस्ताव के पास होने की संभावना नहीं है। विपक्ष यह कदम सिर्फ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए उठा रहा है। • मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस और बीजेपी दोनों पार्टियों ने अपने सांसदों को 9 से 11 मार्च तक सदन में मौजूद रहने के लिए ‘व्हिप’ (सख्त आदेश) जारी किया है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation संसद सत्र (Live): लोक सभा स्पीकर ओम बिरला के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव एवं सदन की कार्यवाही और बड़ी बहस का सीधा प्रसारण यहाँ देखें संसद के बाहर विपक्ष का जोरदार हंगामा: पश्चिम एशिया संकट और महंगाई पर सरकार को घेरा