पटना: बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंदिर बनवाकर चर्चा और विवादों में आए डॉ. राजन सिंह की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग (समाज सुरक्षा निदेशालय) द्वारा ‘राज्य किन्नर (ट्रांसजेंडर) कल्याण बोर्ड’ के पुनर्गठन की अधिसूचना जारी होते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बड़ा भूचाल आ गया है। इस आदेश के तहत बोर्ड के सभी तत्कालीन सदस्यों का मनोनयन तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इसे सीधी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है और दावा किया जा रहा है कि ‘मोदी मंदिर’ की भक्ति दिखाने वाले डॉ. राजन सिंह का पत्ता अब बोर्ड से पूरी तरह साफ हो चुका है। क्या है पूरा मामला और क्यों मचा बवाल? ‘मोदी मंदिर’ का निर्माण: डॉ. राजन सिंह ने पटना स्थित आश्रम परिसर में पीएम नरेंद्र मोदी की मूर्ति स्थापित करवाकर ‘मोदी मंदिर’ बनवाया था। इस कदम की विपक्षी दलों, आम जनता और सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हुई थी और इसे ‘अंधभक्ति’ की पराकाष्ठा बताते हुए पद के दुरुपयोग के आरोप लगे थे। सरकारी पद और विवाद का टकराव: सरकारी बोर्ड से जुड़े मामलों और किन्नर समुदाय के मंच का इस्तेमाल इस तरह के राजनीतिक और व्यक्तिगत प्रचार के लिए किए जाने पर भारी विरोध दर्ज कराया गया था। सरकार का कड़ा एक्शन: भारी फजीहत और विवाद के बाद समाज कल्याण विभाग ने अधिसूचना जारी कर पूरे बोर्ड को ही पुनर्गठित करने का आदेश निकाल दिया। इसके साथ ही पुराने सदस्यों की छुट्टी हो गई है। किन्नर समुदाय और कार्यकर्ताओं का कड़ा रुख: इस सरकारी फैसले के बाद ट्रांसजेंडर अधिकार कार्यकर्ता प्रियंका सिंह रघुवंशी और अन्य प्रमुख चेहरों ने सोशल मीडिया पर खुलकर अपनी बात रखी है: राजनीतिक ड्रामेबाजी पर सवाल: एक्टिविस्ट्स का कहना है कि किन्नर कल्याण बोर्ड समुदाय के अधिकारों, रोजगार, शिक्षा और सम्मान की लड़ाई के लिए बना है, न कि किसी की निजी राजनीतिक भक्ति और मंदिर निर्माण जैसे तमाशों के लिए। सच्चे हकों की मांग: समुदाय ने मांग की है कि अब नए बोर्ड में ऐसे लोगों की बिल्कुल जगह नहीं होनी चाहिए जो अपने निजी प्रचार में लगे रहते हैं। नए बोर्ड में केवल उन लोगों को शामिल किया जाए जो किन्नर समाज के जमीनी मुद्दों को ईमानदारी से उठा सकें। सरकारी आदेश आने के बाद अब यह पूरी तरह साफ माना जा रहा है कि विवादित चेहरों की बोर्ड से विदाई हो चुकी है और नए सिरे से बनने वाली समिति में नए प्रतिनिधियों को ही जगह दी जाएगी। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation मोदी मंदिर’ बनाने वाले अंधभक्त डॉ. राजन सिंह की हुई छुट्टी,बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड के पुनर्गठन से छुट्टी तय, सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा